नयी दिल्ली, पांच नवंबर ( भाषा ) चालीस वर्ष की उम्र में अचंत शरत कमल को खेल रत्न सम्मान भले ही देर से मिला हो लेकिन इस स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी ने शनिवार को कहा कि ‘देर आये , दुरूस्त आये’ और इससे उन्हें ओलंपिक में एक और प्रयास करने की प्रेरणा मिलेगी ।
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीतने वाले शरत के नाम की अनुशंसा इस साल मेजर ध्यानचंद खेलरत्न पुरस्कार के लिये की गई है ।
शरत ने कहा ,‘‘ गर्व का पल है । इस उम्र में पुरस्कार जीतकर लाखों लोगों को प्रेरित करना अद्भुत है । मेरे कैरियर में यह काफी देर से आया लेकिन देर आये , दुरूस्त आये ।’
उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे पेरिस ओलंपिक का इंतजार है और इससे मुझे प्रोत्साहन मिलेगा । राष्ट्रमंडल खेल और तोक्यो ओलंपिक से पेरिस के लिये मेरी तैयारी बेहतर हुई है और ओलंपिक पदक किसी भी खिलाड़ी के जीवन का सर्वश्रेष्ठ पल होता है ।’
इस साल खेलरत्न के लिये सिर्फ शरत के नाम की अनुशंसा हुई है जबकि हॉकी खिलाड़ी हरमनप्रीत सिंह, आकाशदीप सिंह, रूपिंदर पाल सिंह, सविता पूनिया और वंदना कटारिया भी दौड़ में थे ।
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