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Monday, 27 April, 2026
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फेयरफैक्स ‘क्रॉस-होल्डिंग’ मामले में सेबी के साथ समाधान के लिए तैयार

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नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) कनाडा के अरबपति प्रेम वत्स समर्थित कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड म्यूचुअल फंड की क्रॉस-होल्डिंग संबंधी प्रावधानों के कथित उल्लंघन के एक मामले का बाजार नियामक सेबी के साथ निपटारा करने की कोशिश में है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के तहत कोई भी कंपनी एक से ज्यादा म्यूचुअल फंड कंपनियों में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी नहीं रख सकती है।

इसके उलट फेयरफैक्स के पास दो म्यूचुअल फंड कंपनियों- क्वांटम म्यूचुअल फंड और आईआईएफएल म्यूचुअल फंड में 10 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है।

फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की अनुषंगी इकाई एचडब्ल्यूआईसी के पास क्वांटम म्यूचुअल फंड की प्रायोजक कंपनी क्वांटम एडवाइजर्स में 49.2 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

इसी तरह फेयरफैक्स ग्रुप की कंपनी एफआईएच मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स के पास आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट में 13.62 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह कंपनी ही आईआईएफएल म्यूचुअल फंड की प्रायोजक है।

इस क्रॉस-होल्डिंग को देखते हुए सेबी ने अक्टूबर, 2021 में फेयरफैक्स ग्रुप की मूल कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड को कारण-बताओ नोटिस जारी किया था। फेयरफैक्स ग्रुप समर्थित कंपनी गो डिजिट ने सेबी के पास अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए शुरुआती आवेदन किया था। उस आवेदन के कागजात की पड़ताल करने के बाद सेबी ने यह नोटिस भेजा था।

कंपनी ने आईपीओ के दस्तावेजों के मसौदे में कहा है कि उसने गत तीन जून को सेबी के पास समाधान आवेदन जमा करा दिया था। वह सेबी विवाद निपटान प्रक्रिया नियमन, 2018 के तहत इस मामले का निपटारा करना चाहती है।

सेबी की समाधान व्यवस्था के तहत किसी गड़बड़ी की आरोपी फर्म या व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार या अस्वीकार किए बगैर एक समाधान शुल्क देकर उस मामले का निपटारा कर सकता है।

कंपनी ने कहा कि एफआईएच मॉरीशस इन्वेस्टमेंट्स ने आईआईएफएल वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी की बिक्री के लिए एक पक्का समझौता किया है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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