नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई ने सरकार से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि वे मुश्किल दौर से गुजर रही सूक्ष्म, लघु एवं मझोली इकाइयों (एमएसएमई) के सारे लंबित बकाया का भुगतान कर दें।
उद्योग मंडल ने एमएसएमई मंत्री नारायण राणे को सौंपे एक प्रतिवेदन में कहा है कि एमएसएमई क्षेत्र बिलों एवं प्राप्तियों के लंबित भुगतान की समस्या का सामना कर रहा है। लंबे समय से बकाया बिलों का बड़ा हिस्सा बड़े कॉरपोरेट खरीदारों और सरकारी संगठनों का है।
पीएचडीसीसीआई ने कहा कि इस समस्या की वजह से एमएसएमई इकाइयों को वित्तीय परेशानियों एवं तरलता गतिरोधों का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति में इन इकाइयों के सामने कार्यशील पूंजी जुटाने का भी दबाव पैदा हो जाता है और कई इकाइयां धीरे-धीरे गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) बनकर रह जाती हैं।
उद्योग मंडल के मुताबिक, ऐसी स्थिति में एमएसएमई इकाइयों के परिचालन को टिकाऊ बना पाना मुश्किल हो जाता है। पीएचडीसीसीआई ने कहा, ‘‘सरकार को केंद्र के सभी पीएसयू को निर्देश देना चाहिए कि वे 30 दिन के भीतर इन इकाइयों के सारे बकाया बिलों का भुगतान कर दें। इस वित्तीय जवाबदेही को पूरा करने के लिए सरकार केंद्रीय पीएसयू को समुचित राशि भी मुहैया कराए।’’
इसके साथ ही चैंबर ने एमएसएमई के एनपीए घोषित किए जाने संबंधी प्रावधानों मे ढील दिए जाने की मांग भी की है।
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