नयी दिल्ली, 29 अगस्त (भाषा) घरेलू दवा कंपनियों को नवोन्मेषी उत्पादों के विकास पर ध्यान देना चाहिए, जिनके लिए वैश्विक बाजारों में अधिक कीमत मिलती हैं। केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को यह बात कही।
केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री ने राष्ट्रीय दवा मूल्य प्राधिकरण (एनपीपीए) के रजत जयंती समारोह के मौके पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि यदि उद्योग अनुसंधान पहल को मजबूत करता है, तो वह वैश्विक बाजार में नए समाधान पेश कर सकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम जेनेरिक उत्पादों के साथ मात्रा के लिहाज से काफी आगे हैं। हम पहले ही कंटेनरों में दवाओं का निर्यात कर रहे हैं। मैं चाहता हूं कि आने वाले दिनों में उद्योग नए उत्पादों को तैयार करे, जहां फॉर्मूलेशन का एक छोटा लिफाफा, कीमत के मामले में एक कंटेनर के बराबर हो।’’
उन्होंने दवा उद्योग को सरकार से लगातार समर्थन का भरोसा दिया। मांडविया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री भी हैं।
मांडविया ने एनपीपीए के बारे में कहा कि संगठन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह देश में दवा उत्पादों के मूल्य निर्धारण से संबंधित है।
उन्होंने इस मौके पर एकीकृत दवा डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली (पीडीएमएस) 2.0 संस्करण की शुरुआत की। इसकी मदद से दवा कंपनियां लागत ब्योरे को ऑनलाइन जमा कर सकती हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बताया गया है कि इस पहल की मदद से 800-900 कंपनियों ने डेटा भेजना शुरू कर दिया है। करीब 3,000 कंपनियां हैं और उन्हें भी डेटा साझा करना चाहिए। यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’
भाषा पाण्डेय अजय
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