नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश में नवोन्मेष को बढ़ावा देने के लिए ‘जय अनुसंधान’ का नया नारा दिया।
मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नारे ‘जय जवान, जय किसान’ को याद करते हुए कहा कि पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें ‘जय विज्ञान’ का नारा जोड़ा था।
प्रधानमंत्री ने सोमवार को 76वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, ‘अमृतकाल के लिए एक और अनिवार्यता है और वो है जय अनुसंधान……यानी जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान।’
उन्होंने जनवरी 2019 में जालंधर में भारतीय विज्ञान कांग्रेस में ‘जय अनुसंधान’ का नारा दिया था।
मोदी ने डिजिटल इंडिया अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ‘यूपीआई भीम’ जैसे शोध ने वित्तीय प्रौद्योगिकी की दुनिया में क्रांतिकारी बदलाव ला दिया है।
उन्होंने कहा, ‘हमारे नवोन्मेष की शक्ति को देखिये….दुनिया में वित्तीय डिजिटल का चालीस प्रतिशत लेनदेन आज भारत में हो रहा है।’
मोदी ने कहा, ‘भारत जल्द ही 5जी युग में कदम रखेगा और उसने ऑप्टिकल फाइबर बिछाने में भी तेजी से प्रगति की है। डिजिटल भारत का सपना गांवों से गुजरेगा।’
प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल भारत का अभियान आने वाले दशक में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और जीवन के हर दूसरे पहलू में तीन बड़े बदलाव लाएगा।
उन्होंने कहा, ‘एक नया विश्व तैयार हो रहा है। मानव जाति के लिए यह दशक प्रौद्योगिकी का समय है और भारत के लिए तो यह प्रौद्योगिकी-दशक (टेकड) हैं। हमने प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में खुद को साबित किया है।’
मोदी ने कहा, ‘हमारा प्रयास है कि देश के युवाओं को अंतरिक्ष से लेकर समुद्र की गहराई तक सभी क्षेत्रों में अनुसंधान के लिए हर संभव सहायता मिले। इसलिए हम अपने अंतरिक्ष मिशन और गहरे महासागर मिशन का विस्तार कर रहे हैं।’
भाषा जतिन रमण
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