कोच्चि, 10 अगस्त (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वरिष्ठ नेता थॉमस इसाक ने बुधवार को केरल उच्च न्यायालय में याचिका दायर करके प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उन्हें जारी किए गए दो समन को रद्द करने का अनुरोध किया।
इसाक को केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) में वित्तीय कारोबार में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में ईडी ने समन जारी किए थे।
वाम लोकतान्त्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की पिछली सरकार में जब इसाक वित्त मंत्री थे तब केरल अवसंरचना निवेश कोष बोर्ड (केआईआईएफबी) के वित्तीय कारोबार में कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन हुआ था।
इसाक ने याचिका में कहा है कि ईडी के सामने पेश होने के संबंध में उन्हें जारी किए गए समन में उल्लंघन की प्रकृति का खुलासा नहीं किया गया है, यदि विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों का उनके द्वारा कोई उल्लंघन किया गया है।
माकपा नेता ने कहा कि समन प्रथम दृष्टया अवैध है और फेमा के तहत विचारित जांच के दायरे से बाहर है क्योंकि निस्सन्देहता है कि उक्त अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं हुआ है।
इसाक ने ईडी का नोटिस मिलने की पुष्टि करते हुए बृहस्पतिवार को कहा था कि इस बार ईडी ने उनसे पिछले 10 वर्षों में उनके बैंक खातों, संपत्ति, विदेश से मिली धनराशि और उनकी कंपनियों के बारे में विवरण मांगा है। उन्हें 11 अगस्त को ईडी के समक्ष पेश होने के लिये नोटिस भेजा गया है।
अर्जी में नोटिस पर नौ अगस्त की तिथि का उनका जवाब भी शामिल किया गया है।
भाषा रवि कांत अमित
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