नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) जामिया मिल्लिया इस्लामिया की कुलपति नजमा अख्तर ने शुक्रवार को कहा कि विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने कोविड-19 महामारी के दौरान बहुत सा अनुसंधान किया है जिसने इसकी राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में उसकी स्थिति सुधारने में मदद की है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को एनआईआरएफ रैंकिंग के सातवें संस्करण को जारी किया जिसमें जामिया ने अपनी स्थिति में सुधार किया है और वह पिछले साल छठे के मुकाबले इस साल तीसरे स्थान पर आ गया है।
अख्तर ने कहा, “ विश्वविद्यालय शिक्षण, अध्ययन और अनुसंधान में सुधार करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। एनआईआरएफ की रैंकिंग में हम 2016 में 83वें स्थान पर थे तो 2021 में छठे स्थान पर आए और अब देश के शीर्ष तीन विश्वविद्यालयों में शामिल हैं।”
अख्तर ने कहा, “ यह उल्लेखनीय उपलब्धि विश्वविद्यालय के समर्पित और निष्ठावान संकाय सदस्यों की उच्चतम गुणवत्ता और शिक्षण के प्रासंगिक और केंद्रित अनुसंधान के कारण संभव हुई है।”
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय ने कोविड -19 की वजह से अपने कई सारे संकाय सदस्यों को खोया है और इस वजह से अन्य को कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
उन्होंने कहा, “ कोविड-19 ने तबाही मचाई लेकिन एक सकारात्मक चीज़ भी हुई जो इसमें से निकली। हमारे संकाय सदस्यों ने बहुत अनुसंधान किया जो रैंकिंग में दिख रहा है।”
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