नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना ने एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित करने की संस्तुति की है जिन पर 2021 में राजस्व विभाग के तहत उत्तरी दिल्ली के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट रहते हुए वन भूमि को निजी व्यक्तियों को स्थानांतरित करने का आरोप है।
सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उत्तरी और दक्षिणी दिल्ली में जमीन से संबंधित कथित घोटालों के सिलसिले में पिछले महीने उपराज्यपाल के निर्देश पर एक एडीएम, दो एसडीएम, एक सब रजिस्ट्रार और दिल्ली सरकार के एक उप सचिव को निलंबित किया गया था।
इससे पहले सक्सेना ने अधिकारियों द्वारा सार्वजनिक जीवन में भ्रष्टाचार के प्रति “शून्य सहनशीलता” पर जोर दिया था। घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने कहा, “उपराज्यपाल ने नितिन जिंदल (डीएएनआईसीएस) के निलंबन के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से संस्तुति की है। वह दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग में तत्कालीन एडीएम (उत्तर) थे।”
उन्होंने कहा कि एडीएम पर आरोप है कि उन्होंने उत्तरी जिले के जिंदपुर गांव में स्थित वन विभाग की जमीन को मार्च 2021 में निजी व्यक्तियों को स्थानांतरित कर दिया। सूत्रों ने कहा कि सतर्कता निदेशालय ने संबंधित अधिकारी को “बड़े स्तर पर कदाचार” का दोषी पाया है जिन्होंने भूमि पर वन विभाग के मालिकाना हक को जानबूझकर नजरअंदाज किया।
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