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Sunday, 26 April, 2026
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ओडिशा विधानसभा में हंगामे के बाद कथित पुलिस अत्याचार की जांच के आदेश

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भुवनेश्वर, 13 जुलाई (भाषा) ओडिशा सरकार ने बुधवार को मल्कानगिरी जिले में आदिवासी महिलाओं पर कथित पुलिस अत्याचार की जांच अपराध शाखा से कराने की बुधवार को घोषणा की।

विधानसभा अध्यक्ष बी. के. अरुखा के फैसले के अनुसार गृह राज्य मंत्री टी. के. बेहरा ने विधानसभा में यह घोषणा की।

इससे पहले सदन में कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायकों ने हंगामा किया और इस कारण सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।

आरोप है कि आरएससी-13 गांव में सात जून की रात छापेमारी के दौरान एक अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) और उनकी टीम ने एक गर्भवती महिला, एक नाबालिग लड़की और 80 वर्षीय एक महिला समेत लोगों के साथ मारपीट की थी। पुलिस बल गांजे की अवैध खेती के सिलसिले में वहां गया था।

बेहरा ने कहा कि अपराध शाखा के तहत पुलिस महानिरीक्षक मामले की जांच करेंगे।

अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और अन्य पिछड़ा वर्ग मंत्री जगन्नाथ सारका ने कहा, ‘‘अगर आरोप सही हैं तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा।’’

यह मुद्दा कांग्रेस सदस्य ताराप्रसाद बाहिनीपति ने शून्यकाल के दौरान उठाया था जिसका भाजपा के सदस्यों ने भी समर्थन किया था। इस संबंध में अध्यक्ष से फैसला लेने की मांग को लेकर दोनों पार्टियों के विपक्षी सदस्यों ने सदन में आसन के निकट आकर हंगामा किया।

चित्रकोंडा एसडीपीओ और उनकी टीम द्वारा ग्रामीणों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए, बाहिनीपति ने अध्यक्ष के समक्ष मामले के दृश्य साक्ष्य पेश किए।

कांग्रेस विधायक ने अध्यक्ष से एक समिति गठित करने की मांग की जो गांव का दौरा करेगी और मामले की जांच करेगी।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायक दल के नेता नरसिंह मिश्रा ने न्यायिक जांच की मांग की जबकि पार्टी में उनके सहयोगी एस. एस. सलूजा ने इस घटना की जांच केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की।

विपक्ष के मुख्य सचेतक मोहन मांझी ने कहा, ‘‘हम घटना की न्यायिक जांच की मांग करते हैं। हम भी एक समिति द्वारा जांच की मांग करते हैं।’’

हंगामे के चलते अध्यक्ष ने शाम चार बजे तक सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित की। शाम चार बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो इसी तरह के हंगामे के चलते अरुखा ने इस मुद्दे को हल करने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला किया।

भाषा देवेंद्र माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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