नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (पीएमजीकेएवाई) और अन्य सरकारी कार्यक्रमों ने गरीबों एवं कमजोर तबके को मुद्रास्फीति की मार से बचाने में अहम भूमिका निभाई है।
सीतारमण ने गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों पर मुद्रास्फीति के असर पर तैयार संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसमें भारत को ऐसी अर्थव्यवस्था के रूप में दर्शाया गया है जिसके लोगों के महंगाई बढ़ने से गरीब होने की आशंका नगण्य से लेकर कम है।
यह रिपोर्ट कहती है कि भारत में मद्रास्फीति किसी भी व्यक्ति को 1.9 डॉलर प्रतिदिन की निचली गरीबी रेखा के नीचे नहीं धकेलगी। वहीं 3.3 डॉलर प्रतिदिन और 5.5 डॉलर प्रतिदिन आय वाली गरीबी रेखाओं के मामले में यह आशंका क्रमशः 0.02 प्रतिशत और 0.04 प्रतिशत है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जन कल्याण के लिए बनाए गए कार्यक्रमों ने यह सुनिश्चित किया कि लोगों के गरीब होने का जोखिम न रहे।
उन्होंने कहा, ‘‘नरेंद्र मोदी सरकार ने महामारी की शुरुआत से ही ऐसी नीति अपनाई जिसमें निचले स्तर पर मौजूद लोगों को राशन एवं नकद अंतरण के रूप में त्वरित एवं अनवरत समर्थन दिया गया।’’
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