कोलकाता, 12 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल के सांसदों और विधायकों से मुलाकात की तथा शीर्ष संवैधानिक पद के लिए 18 जुलाई को होने वाले चुनाव में उनका समर्थन मांगा।
कोलकाता के एक होटल में लगभग घंटे भर चली बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेताओं के साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद थे।
भाजपा की बंगाल इकाई के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में पार्टी के 16 सांसद व 65 विधायक शामिल हुए और सभी ने मुर्मू को राष्ट्रपति चुनाव में समर्थन देने का भरोसा दिलाया।
सांसदों और विधायकों का समर्थन हासिल करने के लिए मुर्मू विभिन्न राज्यों का दौरा कर रही हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, “हम सभी ने उन्हें पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया और उनकी जीत की कामना की।”
वहीं, प्रदेश भाजपा के एक नेता ने कहा, “दार्जिलिंग के हमारे सांसद राजू बिस्ता, जो कोलकाता की बैठक में मौजूद नहीं थे, सोमवार को सिलीगुड़ी में मुर्मू से पहले ही मुलाकात कर चुके हैं। दार्जिलिंग के हमारे विधायक नीरज जिम्बा सहित कुछ अन्य भाजपा नेता, जो बैठक में अनुपस्थित थे, वे या तो बीमार थे या फिर सिलीगुड़ी में उनसे मिल चुके थे।”
सत्रों के मुताबिक, भाटपारा से भाजपा विधायक पवन सिंह को बैठक में नहीं बुलाया गया। पवन सिंह के पिता एवं सांसद अर्जुन सिंह हाल ही में भाजपा छोड़ राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
घोष ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के कई विधायक मुर्मू के पक्ष में मतदान कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टिप्पणी के बाद हमें उम्मीद है कि तृणमूल कांग्रेस के कई विधायक और सांसद राष्ट्रपति चुनाव में राजग उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे। ममता की टिप्पणी के बाद तृणमूल नेता असमंजस में हैं कि किसे वोट दें।”
ममता ने हाल ही में कहा था कि अगर भाजपा ने ओडिशा की आदिवासी नेता मुर्मू को चुनाव मैदान में उतारने से पहले विपक्षी दलों के साथ चर्चा की होती तो वह आम सहमति की उम्मीदवार हो सकती थीं।
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्य सरकार में मंत्री फिरहाद हकीम ने घोष के दोवे को ‘बेबुनियाद’ करार दिया।
उन्होंने कहा, “तृणमूल एक अनुशासित दल है और पार्टी के सांसद एवं विधायक विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के पक्ष में मतदान करेंगे।”
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित देश के प्रमुख गैर-भाजपा दलों ने राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा को विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार के तौर पर पेश किया है।
मौजूदा समय में पश्चिम बंगाल में भाजपा के 17 लोकसभा सदस्य हैं। इनमें से एक अर्जुन सिंह तृणमूल से जुड़ चुके हैं, लेकिन उन्होंने अभी तक सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया है।
वहीं, 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के 75 विधायक हैं। हालांकि, उनमें से पांच विधायक पद से इस्तीफा दिए बिना तृणमूल में शामिल हो चुके हैं।
इससे पहले, मुर्मू ने दिन में उत्तरी कोलकाता में स्थित स्वामी विवेकानंद के पैतृक आवास का दौरा किया था।
भाषा पारुल नरेश
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