नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्रालय ने दिल्ली में नगर निगम वार्ड के परिसीमन के लिए तीन सदस्यीय आयोग का गठन किया है। एमसीडी द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में यह जानकारी दी गई है।
इस कवायद से दिल्ली में नगर निगम चुनाव का मार्ग प्रशस्त होगा, जो हाल में तीन निगमों के एकीकरण के बाद पहला चुनाव होगा।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली नगर निगम अधिनियम 1957 की धारा 3, 3 ए एवं 5 के तहत निहित शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निगम वार्ड के परिसीमन एवं उससे जुड़े अन्य कार्यों में केंद्र सरकार की सहायता के लिए परिसीमन आयोग का गठन कर दिया है।’’
बयान में कहा गया है कि एमसीडी वार्ड के परिसीमन के लिए गठित आयोग में तीन सदस्य होंगे। दिल्ली के राज्य निर्वाचन आयुक्त विजय कुमार देव को इस आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इसमें कहा गया है कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव पंकज कुमार सिंह और दिल्ली नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त रणधीर सहाय आयोग के सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
नगर निगम ने कहा कि आयोग अपने गठन के चार महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगा।
आईएएस अधिकारियों-अश्विनी कुमार और ज्ञानेश भारती ने क्रमश: एकीकृत दिल्ली नगर निगम के विशेष अधिकारी और आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाला था और इस तरह 22 मई को एकीकृत दिल्ली नगर निगम औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ गया था।
संसद ने राष्ट्रीय राजधानी के तीनों नगर निगमों के एकीकरण के प्रावधान वाले ‘दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022’ को पांच अप्रैल को मंजूरी दी थी।
विधेयक के अनुसार, नगर निगमों के एकीकरण से समन्वित एवं रणनीतिक योजना बनाई जा सकेगी और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों ने पहले यहां कहा था कि तीन नगर निगमों के एकीकरण के लिए विधेयक पारित होने के बाद, नगर निगम चुनावों में लगभग एक साल की देरी होने की संभावना है।
इससे पहले नगर निगम चुनाव गत अप्रैल में होने थे।
सूत्रों ने बताया था कि चूंकि विधेयक में वार्ड की संख्या 250 करने की बात कही गई है, इसलिए केंद्र संसद के दोनों सदनों से इसके पारित होने के बाद एक परिसीमन आयोग बनाएगा।
परिसीमन आयोग तब संबंधित विधानसभा क्षेत्रों की आबादी के अनुसार नगर निगम वार्ड को पुनर्गठित करने की कवायद शुरू करेगा।
दिल्ली में वर्तमान में 70 विधानसभा क्षेत्र हैं।
तीन पूर्ववर्ती नगर निगमों में 272 वार्ड शामिल थे, जिनमें से उत्तर और दक्षिण निगमों में प्रत्येक में 104-104 और पूर्वी निगम में 64 वार्ड थे।
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप
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