मोरीगांव, तीन जुलाई (भाषा) असम के मोरीगांव जिले के निवासी जिन चार व्यक्तियों की मणिपुर में रेलवे निर्माण स्थल पर भूस्खलन में मौत हो गई थी, उनके शव रविवार को उनके गांव पहुंचे। मोरीगांव जिला प्रशासन के अधिकारियों ने मृतकों के अंतिम संस्कार से पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी। चारों शवों का लाहोरीघाट इलाके में अंतिम संस्कार किया गया, जहां के मृतक निवासी थे।
गोपाल फूकन, हरमोहन डेका, पल्लव लरन और दीपांकर बारदोलोई असम के उन आठ व्यक्तियों में से थे, जिनकी मणिपुर के नोनी जिले में बुधवार रात को आए भूस्खलन में मौत हो गई थी। मोरीगांव के उपायुक्त पी. आर. घरफालिया ने बताया था कि निर्माण स्थल पर काम कर रहे जिले के पांच लोगों की मौत हो गई है।
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने शुक्रवार को मोरीगांव के 22 लोगों की सूची साझा की थी, जो रेलवे निर्माण स्थल पर काम कर रहे थे। इनमें से पांच को घायल अवस्था में बचाया गया, पांच की मौत हो गई और 12 अन्य की तलाश जारी है।
बजली जिले से सेना के एक जवान की भी मौत हो गई और उसका पार्थिव शरीर शनिवार को उसके गांव पहुंचा, जहां अंतिम संस्कार किया गया। राज्य से एक रेलवे इंजीनियर समेत 12 अन्य लोग अब भी लापता हैं। भूस्खलन में अब तक मृतकों की कुल संख्या 37 पर पहुंच गई है, जबकि 25 अन्य का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। इस बीच असम के मंत्री पीजूष हजारिका ने रविवार को मणिपुर में घायल लोगों से मुलाकात की।
उन्होंने असम के तीन घायलों से मुलाकात की, जिनका इंफाल के क्षेत्रीय चिकित्सा विज्ञान संस्थान में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि घायलों की हालत अब स्थिर है और उन्हें विमान के जरिये सोमवार को असम पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है।
भाषा यश दिलीप
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