(सूर्य देसराजू )
अमरावती, 26 जून (भाषा) आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (सीआरडीए) ने राज्य की राजधानी में सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवासीय टावर को पट्टे पर देने का फैसला किया है।
पहले चरण में सीआरडीए ने डी1 टावर को पट्टे पर देने का फैसला किया है जिसमें 120 फ्लैट हैं और इससे उसे सालाना आठ-10 करोड़ रुपये की आमदनी हो सकती है।
नगर निकाय प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, “ टावर को पट्टे पर लेने के लिए वीआईटी-एपी विश्वविद्यालय आगे आया है। हमारी बातचीत चल रही है। हम समझौता करने के लिए सरकार के औपचारिक आदेश का इंतजार कर रहे हैं।”
डी1 टॉवर अमरावती में वीआईटी-एपी विश्वविद्यालय परिसर के करीब स्थित है।
मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने फ्लैट को पट्टे पर देने के लिए हरी झंडी दे दी। ये फ्लैट उनके सत्ता में आने के बाद से ही खाली पड़े हैं।
सीआरडीए ने राज्य सरकार के समूह-डी कर्मचारियों के लिए 7.72 एकड़ क्षेत्र में छह टावर का निर्माण शुरू कराया था। 2017 से 2019 के बीच इनका 65 फीसदी काम पूरा हो गया था लेकिन वाईएसआर कांग्रेस सरकार ने जून 2019 से अमरावती में सभी विकास परियोजनाओं को रोक दिया है।
उच्च न्यायालय ने इस साल तीन मार्च को एक फैसला में राज्य सरकार को अमरावती राजधानी शहर और क्षेत्र में सभी विकास कार्यों को छह महीने में पूरा करने का निर्देश दिया था।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कर्मचारियों के लिए बने फ्लैट को पट्टे पर देने के प्रस्ताव पर विचार किया गया और मुख्यमंत्री ने इसे मंजूरी दे दी। भाषा नोमान नरेश
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