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Sunday, 12 April, 2026
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12 विदेशी महिलाएं यौन उत्पीड़न के आरोपी गुन्देचा बंधुओं के खिलाफ उच्च न्यायालय पहुंचीं

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जबलपुर/भोपाल, 26 जून (भाषा) विदेश की 12 महिलाओं ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर में हस्तक्षेप अर्जी दायर कर भोपाल स्थित ध्रुपद संस्थान के गुन्देचा बंधुओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर कार्रवाई की मांग की है।

जिन लोगों ने हस्तक्षेप आवेदन (आईए) शनिवार को दायर किया है, वे ध्रुपद संस्थान की पूर्व छात्रा हैं और अब अमेरिका, स्वीडन, कनाडा, पोलैंड, स्पेन, ऑस्ट्रिया और जर्मनी में रह रहीं हैं।

महिला वकील ध्रुव वर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इन पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि पखावज वादक प्रसिद्ध गुन्देचा बंधुओं – दिवंगत रमाकांत गुन्देचा, उमाकांत गुन्देचा और अखिलेश गुन्देचा, ने उनका यौन उत्पीड़न किया था।

उन्होंने कहा कि आईए एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच रिपोर्ट के समर्थन में दायर किया गया है, जिसने 2020 में एक महिला (विदेश से) द्वारा लगाए गए यूनेस्को से मान्यता प्राप्त संस्थान ध्रुपद संस्थान के गुन्देचा बंधुओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की थी।

वर्मा ने कहा कि ध्रुपद संस्थान, भोपाल ने पांच सितंबर, 2020 को ‘ध्रुपद फैमिली यूरोप’ नामक एक समूह द्वारा सोशल मीडिया पर गुन्देचा बंधुओं के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए आंतरिक शिकायत समिति का गठन किया था।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत गठित पैनल ने शिकायतों को सुना और बाद में 23 फरवरी, 2021 को गुन्देचा बंधुओं के खिलाफ कुछ प्रतिकूल टिप्पणियों और सिफारिशों के साथ अपनी रिपोर्ट दी।

रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाए जाने के बाद, गुंदेचा ने आईसीसी को प्रतिवादी बनाते हुए एक रिट याचिका दायर करके निष्कर्षों के खिलाफ मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का रुख किया। वर्मा ने कहा कि रिट याचिका की सुनवाई मंगलवार (28 जून) को होने वाली है।

जब आईए पर उनकी प्रतिक्रिया जानने के लिए उमाकांत गुन्देचा (63) से संपर्क किया गया, तो उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कृपया कोई टिप्पणी न करें। इस मामले की सुनवाई माननीय अदालत द्वारा की जा रही है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।’’

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस मामले में सभी पक्षों को मीडिया में जाने से रोक दिया है। उन्होंने बताया कि उनके भाई रमाकांत की 18 नवंबर, 2019 को निधन हो चुका है। उमाकांत ने माना कि उन पर भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए हैं।

भाषा सं रावतरावत रावत संतोष

संतोष

संतोष

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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