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Wednesday, 11 March, 2026
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मलेशिया में गिरावट, स्थानीय मांग कमजोर होने से खाद्य तेल-तिलहनों के भाव टूटे

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नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट के रुख तथा स्थानीय स्तर पर गर्मियों की मांग कमजोर होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सरसों, मूंगफली, सोयाबीन तेल-तिलहन, सीपीओ, बिनौला, पामोलीन खाद्य तेल की थोक कीमतों में गिरावट आई।

बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट है जबकि शिकॉगो एक्सचेंज छुट्टियों की वजह से बंद है। विदेशी बाजारों में मंदी का रुख तो है, पर डॉलर में खाद्य तेलों के भाव पर कोई असर नहीं है।

सूत्रों का कहना है कि अभी कुछ महीने पहले सरकार के साथ तेल उद्योग के बड़े कारोबारियों की बैठक में खाद्य तेलों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) को अधिक रखने जैसी गड़बड़ी की बात सामने आयी थी लेकिन एमआरपी को लेकर अभी भी गड़बड़ियों की शिकायतें हैं और सरकार को इसे दुरुस्त कराने को लेकर चौकन्ना होना पड़ेगा। छापे मारने से कहीं अधिक कारगर खुदरा में बिकने वाले खाद्य तेलों के एमआरपी की जांच से मदद मिलने की संभावना है। नहीं तो सरकार के शुल्क कम करने जैसी पहल का कोई फायदा नहीं होगा।

सूत्रों ने कहा कि जिस तरह खाद्य तेलों के थोक मूल्य में कमी आई है, उसका लाभ आम उपभोक्ताओं को भी मिलना चाहिये लेकिन उन्हें मनमाने ढंग से एमआरपी के बहाने लूटा जा रहा है। इसे दुरुस्त करने की जिम्मेवारी सरकार को निभानी चाहिये। उन्होंने कहा कि एमआरपी की आड़ में मौजूदा कीमत के हिसाब से सरसों तेल 154-160 रुपये लीटर मिलना चाहिये पर ग्राहकों को लगभग 190 रुपये लीटर के आसपास इसे बेचा जा रहा है। इसी तरह ग्राहकों से मूंगफली पर लगभग 70 रुपये किलो, सूरजमुखी पर लगभग 40 रुपये किलो और बाकी खाद्य तेलों पर 30-40 रुपये किलो अधिक लिये जा रहे हैं।

सूत्रों ने कहा कि इस एमआरपी की जांच में कोताही होने पर सरकार के शुल्क में कमी किये जाने का फायदा न तो उपभोक्ताओं को होगा, न किसानों को इसका लाभ मिल पायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को किसी भी प्रचार माध्यम से लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास करना होगा कि अधिक दाम लिये जाने पर उपभोक्ता किसी खास फोन पर इसके लिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकें इसकी व्यवस्था करनी होगी।

सोमवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,315-7,365 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,660 – 6,795 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली सॉल्वेंट रिफाइंड तेल 2,650 – 2,840 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,315-2,395 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,355-2,465 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 17,000-18,500 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,400 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,800 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,900 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,750 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 6,100-6,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज 6,400- 6,500 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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