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Monday, 9 March, 2026
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भारत की गहरे समुद्र में मछली नहीं पकड़ने वाले विकासशील देशों को सब्सिडी कटौती से छूट देने की मांग

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नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) भारत ने कहा है कि गहरे समुद्र में मछली नहीं पकड़ने वाले विकासशील देशों को कम से कम 25 साल के लिए सब्सिडी प्रतिबंधों से पूरी तरह से छूट दी जानी चाहिए। एक आधिकारिक सूत्र ने बताया कि भारत ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की बैठक में यह मुद्दा उठाया।

आधिकारिक सूत्र ने कहा कि भारत ने डब्ल्यूटीओ की बैठक में कहा कि इस समय अवधि में विकासशील देशों को विकसित देशों के बराबर आने के लिए नीतिगत गुंजाइश बन सकेगी।

उल्लेखनीय है कि किसी देश के समुद्र तट से 200 समुद्री मील से अधिक दूरी पर मछली पकड़ने को ‘गहरे समुद्र में मछली मारना’ कहा जाता है।

यह मुद्दा विश्व व्यापार संगठन के सदस्यों द्वारा नुकसानदायक मत्स्य पालन सब्सिडी को रोकने के लिए प्रस्तावित समझौते का हिस्सा है।

सूत्र के अनुसार, भारत ने बैठक में कहा जिन देशों ने औद्योगिक मछली पकड़ना शुरू किया है……उन्हें सामान्य लेकिन विभेदित दायित्वों (सीबीडीआर) की अवधारणा के आधार पर अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए और गलत तरीके से सब्सिडी पर रोक लगानी चाहिए।

सूत्र ने बताया कि पिछले सप्ताह जिनेवा में हुई बैठक में भारत की तरफ से इन मुद्दों को उठाया गया था।

बैठक में अध्यक्ष कोलंबिया के राजदूत सैंटियागो विल्स ने मछली पकड़ने की सब्सिडी पर रोक लगाने के लिए प्रस्तावित वैश्विक समझौते से संबंधित विवादास्पद मुद्दों को हल करने के लिए ‘फिश वीक’ बैठक बुलाई है। यह बैठक अगले महीने 12वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी12) से पहले बुलाई गई है।

इसके अलावा बैठक में भारत ने यह भी मांग की है कि समान रूप से प्रदान की जाने वाली ईंधन सब्सिडी को इस समझौते के दायरे में शामिल किया जाना चाहिए….. क्योंकि समझौते का उद्देश्य एक सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी 14.6) पर आधारित है।

भारत ने साथ ही कम आय वाले मछुआरों के लिए कम से कम 200 समुद्री मील (एनएम) तक सब्सिडी में कटौती से पूरी छूट की मांग की है।

भाषा जतिन अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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