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Thursday, 5 March, 2026
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दिल्ली में जनवरी-फरवरी में विरोध, प्रदर्शन और धरना के 500 मामले देखने को मिले : पुलिस

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नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) इस साल दिल्ली में जनवरी-फरवरी के दौरान विरोध, प्रदर्शन और धरना के 500 से अधिक मामले देखने को मिले। दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर यह जानकारी दी।

पुलिस ने कहा कि धरने के दौरान लोग स्थान छोड़ने से इनकार कर देते हैं और इसका आयोजन किसी चीज के खिलाफ असहमति जताने के लिए किया जाता है, लेकिन विरोध-प्रदर्शन असहमति जताने या विरोध करने का एक जोरदार तरीका है।

आंकड़ों के मुताबिक जनवरी-फरवरी में 103 धरने का आयोजन किया गया था, जबकि प्रदर्शन के 49 मामले और विरोध के 349 मामले देखने को मिले। पुलिस के मुताबिक कुल धरनों में से 60 राजनीतिक किस्म के, 33 श्रमिकों की समस्या से जुड़े, पांच युवाओं या छात्रों के कार्यक्रम से संबंधित और पांच सांप्रदायिक प्रकृति के थे।

इसी तरह प्रदर्शन के 30 मामले राजनीतिक, 13 मामले श्रमिकों और छह मामले सांप्रदायिक प्रकृति के थे। आंकड़ों में कहा गया है कि इन दो महीनों में 349 विरोध-प्रदर्शनों में से 164 राजनीतिक, 104 मजदूरों से संबंधित, 74 युवा या छात्र कार्यक्रम से संबंधित और चार सांप्रदायिक प्रकृति के थे।

पिछले साल (जनवरी से दिसंबर) के बीच धरना, विरोध-प्रदर्शन की संख्या 3,470 थी। वर्ष 2020 में यह संख्या इसी अवधि के लिए 2,757 थी। पिछले साल विरोध के कुल 1,985 मामले, धरने के 775 मामले और 710 प्रदर्शन के मामले देखने को मिले थे।

भाषा संतोष दिलीप

दिलीप

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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