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Sunday, 8 March, 2026
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विशेष इस्पात के लिए पीएलआई योजना में होंगे बदलाव, आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल की गई

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नयी दिल्ली, तीन अप्रैल (भाषा) सरकार विशेष इस्पात के उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना (पीएलआई) में बदलाव करने पर विचार कर रही है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि पीएलआई के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख भी करीब एक महीने बढ़ाकर 30 अप्रैल कर दी गई है।

भारत में विशेष प्रकार के इस्पात के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल 22 जुलाई को 6,322 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को मंजूरी दी थी।

इस कदम से 40,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश आने और रोजगार के 5.25 लाख अवसर पैदा होने का अनुमान है।

इस्पात मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि इस योजना के तहत निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 29 मार्च, 2022 थी जिसे बढ़ाकर अब 30 अप्रैल कर दिया गया है।

अधिकारी ने बताया कि योजना में कुछ बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम इस्पात विनिर्माताओं के अनुरोध पर उठाया गया है जिन्होंने योजना को लेकर कुछ चिंता जताई थी।

योजना में संभावित परिवर्तनों के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘विशेष इस्पात के उत्पादन पर हम एक समान प्रोत्साहन देने के लिए काम कर रहे हैं। योजना में इस्पात की और श्रेणियों को जोड़ा जाएगा विशेषकर जिनका इस्तेमाल रक्षा क्षेत्र में होता है। उत्पादन की सीमा पर भी विचार किया जा रहा है।’’

इससे पहले इस्पात राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने उम्मीद जताई थी कि योजना का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में घरेलू और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां आगे आएंगी और विशेष इस्पात के उत्पादन के लिए भारत में निवेश करेंगी।

पीएलआई योजना के साथ सरकार का लक्ष्य सालाना 33,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत करना है जो विशेष इस्पात के आयात पर खर्च होती है।

भाषा मानसी अजय

अजय

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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