मुंबई, 22 मार्च (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को वसूली मामले में वांछित आरोपी पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सौरभ त्रिपाठी को निलंबित कर दिया। आईपीएस अधिकारी त्रिपाठी के खिलाफ ‘अंगड़ियों’ की ओर से इस मामले में मुंबई पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी।
‘अंगड़िया’ पारंपरिक कूरियर हैं, जो कमीशन के बदले में कारोबारियों को पैसे एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने की सेवा देते हैं।
सरकार के आदेश के मुताबिक, त्रिपाठी अधिकारियों को सूचना दिये बिना ड्यूटी से अनुपस्थित पाये गये। यह भी पाया गया कि उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने कर्तव्य का पालन नहीं किया कि उनके मातहत अधिकारी किसी अनुचित और भ्रष्ट आचारण में संलिप्त ना हों।
इसमें यह भी कहा गया है कि त्रिपाठी ने ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के बारे में अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी और न ही छुट्टी के लिए कोई चिकित्सा दस्तावेज जमा कराया है।
आदेश में कहा गया है कि यह भी पाया गया कि त्रिपाठी एलटी मार्ग पुलिस थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी के एक गवाह पर दबाव बना रहे थे। सरकार ने कहा है कि इस आदेश के प्रभाव में रहने तक त्रिपाठी बिना आयुक्त की अनुमति के पुलिस आयुक्त मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
आदेश के मुताबिक, इसके अलावा निलंबन के दौरान त्रिपाठी न ही कोई निजी नौकरी करेंगे और ना ही वह इस दौरान कोई कारोबार या व्यापार करेंगे। आदेश के मुताबिक, शर्तों का किसी भी तरह से उल्लंघन करने को कदाचार समझा जायेगा और इसके लिए वह अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए जिम्मेदार होंगे।
पिछले हफ्ते त्रिपाठी ने इस मामले में अग्रिम जमानत के लिये सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया था। जांच में उनका नाम सामने आने पर पुलिस ने हाल ही में त्रिपाठी को वांछित आरोपी घोषित किया था।
अंगड़ियों की शिकायत के मुताबिक, आरोपी अधिकारी ने दिसंबर में कई मौकों पर आयकर विभाग को उनकी नकदी की आवाजाही और कारोबारी गतिविधियों के बारे में सूचना देने की धमकी देकर उनसे कथित तौर पर धन की वसूली की थी।
भाषा
गोला दिलीप
दिलीप
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