चेन्नई, 18 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु सरकार के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय (डीवीएसी) ने शुक्रवार को मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने अतिरिक्त मुख्य सचिव, उद्योग विभाग से उस अधिकारी के खिलाफ अवैध खनन के एक मामले में मामला दर्ज करने की मंजूरी प्राप्त की है, जो भूविज्ञान एवं खनन विभाग में सहायक निदेशक के रूप में कार्यरत था।
न्यायमूर्ति जी चंद्रशेखरन ने इसे दर्ज करते हुए, थेनी जिले के उप्परपट्टी गांव के ज्ञानराजन की एक आपराधिक मूल याचिका को बंद कर दिया, जिसने डीवीएसी को यह निर्देश देने का अनुरोध किया था कि उसकी 15 जुलाई, 2021 वाली शिकायत पर मामला दर्ज करे और आरोपी के खिलाफ आगे बढ़े।
ज्ञानराजन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि अधिकारियों ने 500 करोड़ रुपये तक की सरकारी संपत्ति की लूट की। उन्होंने आरोप लगाया था कि पूर्व उप मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम और उनके सहयोगियों ने बजरी रेत का अवैध खनन किया था। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि उन्होंने पट्टा बदलकर और अपनी आधिकारिक शक्ति का दुरुपयोग करके झूठे दस्तावेज बनाकर सरकारी जमीन को अपनी संपत्ति के रूप में परिवर्तित किया।
इस संबंध में उन्होंने डीवीएसी में शिकायत दर्ज कराई थी। चूंकि कोई प्रगति नहीं हुई थी, उन्होंने डीवीएसी को प्राथमिकी दर्ज करने और उस पर आगे बढ़ने का निर्देश देने के लिए वर्तमान याचिका दायर की।
भाषा अमित नरेश
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