नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) अमेरिका की व्यापार प्रतिनिधि संस्था (यूएसटीआर) द्वारा पालिका बाजार को ‘बदनाम बाजारों की सूची’ में स्थान दिए जाने पर पालिका बाजार संघ ने शुक्रवार को आपत्ति की और मांग उठाई कि “फर्जी आरोप” वापस लिए जाएं।
भारत की लोकप्रिय ई-वाणिज्य वेबसाइट, नयी दिल्ली के पालिका बाजार और चार अन्य बाजारों को यूएसटीआर द्वारा दुनिया के बदनाम बाजारों की वार्षिक सूची में शामिल किया गया है।
पालिका बाजार संघ के अध्यक्ष दर्शन लाल कक्कड़ ने कहा, “अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि संस्था द्वारा जारी बदनाम बाजारों की सूची में पालिका बाजार का नाम आना बेहद चौंकाने वाला मुद्दा है। इस सूची के अनुसार, पालिका बाजार में मोबाइल, कॉस्मेटिक्स, घड़ी और चश्मे जैसे नकली उत्पाद बेचे जाते हैं। हमारे विरुद्ध लगाए गए इन फर्जी आरोपों का हम खंडन करते हैं।”
उन्होंने कहा, “वास्तव में इस बाजार के दुकानदार स्थानीय तौर पर निर्मित सामान बेचते हैं जो सस्ते होते हैं और युवाओं को लुभाते हैं जैसा कि यूएसटीआर की रिपोर्ट में कहा गया है। इसलिए मांग की जाती है कि हमारे खिलाफ लगाए गए इन आरोपों को वापस लिया जाए और ग्राहकों के अनुकूल इस प्रतिष्ठित बाजार के विरुद्ध आगे भी ऐसे आरोप न लगाए जाएं।”
यूएसटीआर द्वारा बृहस्पतिवार को जारी ‘नोटोरियस मार्केट लिस्ट’ (एनएमएल) में दुनिया के 42 ऑनलाइन और 35 भौतिक बाजारों को शामिल किया गया है जहां नकली और कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाला सामान बेचा जाता है।
सूची में शामिल भारतीय बाजारों में से मुंबई का हीरा पन्ना, कोलकाता का किड्डरपुर और दिल्ली का टैंक रोड बाजार भी है। पालिका बाजार एनएमएल 2021 में बरकरार है। रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली के इस बाजार को नकली सामान बेचने के लिए जाना जाता है।
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