नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने चीन में पढ़ाई करने वाले 140 से अधिक मेडिकल छात्रों को भारत में व्यावहारिक प्रशिक्षण लेने की अनुमति देने संबंधी याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्र और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से जवाब मांगा क्योंकि ये छात्र यात्रा प्रतिबंधों के कारण अपने विश्वविद्यालय नहीं जा पा रहे हैं।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने याचिका पर कानून मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ-साथ एमएनसी को नोटिस जारी किये। याचिका में ऐसे छात्रों की ऑनलाइन कक्षाओं को मान्यता देने का भी अनुरोध किया गया है।
अदालत ने प्रतिवादी प्राधिकरणों को इस मुद्दे को देखने के लिए भी कहा क्योंकि ”याचिकाकर्ता छात्र हैं, आतंकवादी नहीं।”
चीन के निंगबो विश्वविद्यालय में मेडिसिन की पढ़ाई करने वाले 147 याचिकाकर्ता छात्रों ने अदालत को सूचित किया कि वे 2020 की शुरुआत में भारत लौट आए थे लेकिन चीन द्वारा छात्र वीजा जारी नहीं करने की वजह से वे तब से वापस नहीं जा पाए।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चीन द्वारा कम से कम सितंबर तक भारतीय छात्रों को वापस बुलाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस बीच भारतीय विभागों ने कुछ नियमों को अधिसूचित किया है जो विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों को अपने स्वयं के विदेशी चिकित्सा संस्थान से ही कोर्स, प्रशिक्षण और इंटर्नशिप पूरी करने को बाध्य करते हैं।
मामले की अगली सुनवाई 21 मार्च के लिए सूचीबद्ध की गई है।
भाषा शफीक अनूप
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