नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) यह टिप्पणी करते हुए कि राज्य ‘पुलिस मशीनरी के दुरुपयोग’’ में सहभागी नहीं हो सकता है, उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को एक महिला के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे पर रोक लगा दी और पंजाब में लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराने वाली महिला के खिलाफ चार प्राथमिकी दर्ज कराए जाने पर नाराजगी जतायी।
प्रधान न्यायाधीश एन. वी. रमण, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ विधायक और विधायक पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली महिला, दोनों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
महिला के खिलाफ दर्ज चार प्राथमिकी में न्यायिक कार्यवाही पर रोक लगाने वाली शीर्ष अदालत ने लोक इंसाफ पार्टी के विधायक को गिरफ्तारी से मिली राहत की अवधि एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है।
सुनवाई के दौरान पीठ ने विधायक के खिलाफ कथित बलात्कार मामले की सुनवाई निचली अदालत में ले जाने वाली महिला के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज करने की भी आलोचना की।
पीठ ने सवाल किया, ‘‘आपके राज्य में क्या हो रहा है? महिला के खिलाफ कितने मामले दर्ज किए गए हैं? अब वह अग्रिम जमानत चाहते हैं और महिला को जेल चले जाना चाहिए। आप (राज्य) पुलिस मशीनरी के ऐसे दुरुपयोग में सहभागी नहीं हो सकते हैं।’’
पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए महाधिवक्ता डी. एस. पटवालिया ने कहा कि इस ‘विवाद में राज्य की कोई भूमिका’’ नहीं है, यह दो पक्षों के बीच की बात है, लेकिन वह इस संबंध में निर्देश प्राप्त करके जवाब दाखिल करेंगे।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कानून का रखवाला होने के नाते उसकी रक्षा करना राज्य का कर्तव्य है।
पीठ ने विधायक के खिलाफ आरोपों का संदर्भ देते हुए उनकी (विधायक) ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से इस संबंध में सवाल किया।
पीठ ने सवाल किया, ‘‘क्या आपने अपने मुव्वकिल की गतिविधियां (हरकतें) देखी हैं? कैसे आपका मुव्वकिल लोगों को परेशान कर रहा है, वह जन प्रतिनिधि है, दो बार का विधायक है, क्या यही उसके व्यवहार करने का तरीका है। मैं चाहता हूं कि इस मामले में पंजाब के महाधिवक्ता हमारे समक्ष पेश हों।’’
रोहतगी ने कहा कि विधायक निर्दोष हैं और महिला के खिलाफ मामले अन्य लोगों ने दर्ज कराए हैं और उनका (विधायक) इसमें कोई हाथ नहीं है। उन्होंने कहा कि महिला कनाडा में लोगों को रोजगार दिलाने का रैकेट चला रही है।
पीठ ने महिला के खिलाफ आपराधिक प्रक्रिया को दो सप्ताह के लिए और विधायक की गिरफ्तारी पर लगी रोक को एक सप्ताह के लिए बढ़ाते हुए कहा कि मामले में सात दिन बाद सुनवाई की जायेगी।
भाषा अर्पणा अनूप
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