scorecardresearch
Friday, 30 January, 2026
होमविदेशह्यूमन राइट्स वॉच ने श्रीलंका से आतंकवाद अधिनियम को खत्म करने का आग्रह किया

ह्यूमन राइट्स वॉच ने श्रीलंका से आतंकवाद अधिनियम को खत्म करने का आग्रह किया

Text Size:

कोलंबो, 18 जुलाई (भाषा) अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने श्रीलंका से आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पीटीए) को समाप्त करने का आग्रह करते हुये दावा किया है कि द्वीपीय राष्ट्र ने विश्वसनीय साक्ष्यों के बिना कथित विरोधियों और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाने के लिए इस कानून का दुरुपयोग किया है।

न्यूयॉर्क स्थित मानवाधिकार समूह ने अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ से भी आग्रह किया है कि वे श्रीलंका पर इस कानून को समाप्त करने के लिए दबाव डालें, जिसे उसने इसे खत्म करने का बार-बार वादा किया लेकिन इस पर अमल नहीं कर सका है।

ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने बुधवार को एक बयान में कहा, ‘‘जहां कुछ पीड़ितों को कई सालों तक मनमाने ढंग से हिरासत में रखा गया और यातनाएं दी गईं, वहीं अन्य को उनके खिलाफ मामला समाप्त होने के बाद भी सताया गया।’’

संगठन की ओर से बयान जारी करने के बारे में किसी भी तात्कालिक कारण का उल्लेख नहीं है।

एचआरडब्ल्यू की उप एशिया निदेशक मीनाक्षी गांगुली ने कहा, ‘‘श्रीलंका का व्यापक घरेलू सुरक्षा तंत्र नियमित रूप से निर्दोष लोगों को निशाना बनाने, आलोचकों को चुप कराने और अल्पसंख्यक समुदायों को बदनाम करने के लिए इस कानून का इस्तेमाल करता रहा है।’’

कथित रूप से तमिल सशस्त्र समूहों द्वारा चलाए जा रहे अलगाववाद का मुकाबला करने के लिए श्रीलंका में 1979 में पीटीए को अपनाया गया था, इसके बाद से श्रीलंका पर इसे निरस्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।

भाषा रंजन रंजन नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments