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Friday, 30 January, 2026
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भूस्खलन के मलबे के साथ नदी में बहकर लापता हुईं दोनों बसों में 65 लोग थे: नेपाली अधिकारी

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काठमांडू, 16 जुलाई (भाषा) नेपाल में यात्रियों की दो बसों के बीते शुक्रवार को भूस्खलन के मलबे के साथ बह जाने की घटना में बचावकर्मियों ने अब तक 14 शव निकाले हैं, जिनमें से छह शव भारतीय नागरिकों के हैं।

अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि दोनों बसों में कुल 65 यात्री सवार थे।

आठ शवों की शिनाख्त कर उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। इसमें से छह भारतीय नागरिक हैं। अन्य की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।

नेपाल की राजधानी को देश के दक्षिणी हिस्सों से जोड़ने वाले मुख्य राजमार्ग पर काठमांडू से करीब 120 किलोमीटर पश्चिम में सिमलताल के पास शुक्रवार की सुबह दो बसें भूस्खलन के मलबे के साथ बह गई थीं।

चितवन जिला प्रशासन कार्यालय ने दोनों बसों में सवार कुल 65 लोगों के नाम और विवरण के साथ एक सूची प्रकाशित की। एक बस में 38 लोग और दूसरी में 27 लोग सवार थे। एक बस से किसी तरह बाहर निकलने के बाद तीन लोग बच गए।

पुलिस और सेना के सैकड़ों बचावकर्मियों ने मंगलवार को नदी और निचले इलाकों में खोज की, लेकिन उन्हें अभी तक दोनों लापता बसों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

पहाड़ी इलाकों की वजह से नेपाल की नदियों का बहाव आम तौर पर तेज होता है। पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के कारण जलमार्ग भी उफान पर हैं और कीचड़ तथा मलबे की वजह से उनके पानी रंग गहरा भूरा हो गया है, जिससे मलबे को देख पाना और भी मुश्किल हो गया है।

मानसून के मौसम में जून से सितंबर तक नेपाल में भारी बारिश होती है, जिससे अक्सर इस पर्वतीय हिमालयी देश में भूस्खलन की घटनाएं होती हैं।

भाषा यासिर मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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