(अदिति खन्ना)
लंदन, 16 जुलाई (भाषा) ब्रिटेन की अपराध एजेंसी ने दो साल की जांच के बाद भारतीय मूल के गुर्गों से जुड़े एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने कहा कि वह ‘‘विदेश में राजनीतिक लोगों से ’’ उनके संबंधों की जांच जारी रखेगी।
नेशनल क्राइम एजेंसी(एनसीए) ने कहा कि रिकिन्दर हरे(36), नीलेन बलराज (34), और हितेश वडोलिया (54)गिरोह चला रहे थे और अपराध से अर्जित नकदी का धनशोधन करने और प्रतिबंधित श्रेणी ए और बी के मादक पदार्थों के वितरण के लिए जिम्मेदार हैं।
एनसीए के मुताबिक आरोपी 15 लाख ब्रिटिश पौंड के सरकारी अनुदान को धोखाधड़ी कर हड़पने के प्रयास के मामले में भी वांछित थे।
बलराज को सोमवार को 13 वर्ष और छह महीने कारावास की सजा सुनाई गई। वहीं पिछले महीने हरे को एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी जिसे दो वर्षों के लिए निलंबित कर दिया गया है तथा 400 घंटे की सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई गई है।
एनसीए की अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार इकाई के वरिष्ठ प्रबंधक जेसन हुल्म ने कहा, ‘‘यह अपराध समूह कई अलग-अलग गतिविधियों में संलिप्त था, तथा मादक पदार्थों और धन शोधन से लाखों कमा रहा था।’’
भाषा धीरज माधव
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