इस्लामाबाद/लाहौर, 19 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ‘पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी’ सहित अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ कई आरक्षित सीट पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को लेकर शुक्रवार को विचार-विमर्श शुरू किया। न्यायालय के फैसले से जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी संसद में सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी।
सत्तारूढ़ गठबंधन के कई नेता उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से आशंकित दिखाई दिये। लेकिन पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के प्रमुख नवाज शरीफ की बेटी और पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने शीर्ष अदालत के इसे फैसले के खिलाफ हमला बोलते हुए कहा, “मैं उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों से कहना चाहूंगी कि वे देश को काम करने दें।”
पीएमएल-एन पार्टी के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ सरकार ने उच्चतम न्यायालय द्वारा 15 जुलाई को खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी को कई आरक्षित सीट आवंटित करने के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर की है।
इससे पहले शीर्ष अदालत की 13 सदस्यीय पीठ ने 12 जुलाई को आठ-पांच के अंतर से एक अहम फैसले में कहा था कि पीटीआई पार्टी नेशनल असेंबली और प्रांतीय विधानसभाओं में महिलाओं व अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित सीट के लिए पात्र है।
इस फैसले के पक्ष में आठ और विपक्ष में पांच न्यायाधीश थे।
अगर ये फैसला लागू हो जाता है तो पीटीआई पार्टी नेशनल असेंबली में सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी और महिलाओं व अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित 23 सीट हासिल करने के बाद पार्टी की सीट 86 से बढ़कर 109 हो जाएंगी।
जियो न्यूज ने शुक्रवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि पीएमएल-एन ने अपने मुख्य सहयोगी पीपीपी को भरोसे में लेने का फैसला किया है।
खबर के मुताबिक, “दोनों राजनीतिक दलों के नेतृत्व की आज (शुक्रवार) बैठक हो रही है। बैठक में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी भी शामिल होंगे।”
चुनाव में पीएमएल-एन और पीपीपी, दोनों ने अलग-अलग खान की पीटीआई द्वारा समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवारों द्वारा जीती गई 92 सीट से कम सीट जीती हैं।
भाषा जितेंद्र संतोष
संतोष
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