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Monday, 2 February, 2026
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काली खांसी छोटे बच्चों के लिए जानलेवा हो सकती है: टीकाकरण सबसे अच्छा बचाव

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(फोबे विलियम्स और अर्चना कोइराला, सिडनी विश्वविद्यालय; केटी लुईस फ़्लानगन, तस्मानिया विश्वविद्यालय और मार्गी डैनचिन, मर्डोक चिल्ड्रेन्स रिसर्च इंस्टीट्यूट)

सिडनी, पांच अगस्त (द कन्वरसेन) 2024 में अब तक पूरे ऑस्ट्रेलिया में काली खांसी (पर्टुसिस) के 17,000 से अधिक मामले सामने आए हैं। यह हमारे सामान्य राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर है। यह पूरे 2023 के दौरान सामने आए इस तरह के मामलों की तुलना में छह गुना अधिक हैं।

कई राज्यों में समाचारों की सुर्खियों में हाल के हफ्तों और महीनों में काली खांसी फैलने की चेतावनी दी गई है। हाल ही में, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में इसमें वृद्धि दर्ज की गई है, जो राज्य के दक्षिण-पश्चिम में सबसे अधिक है।

इससे छोटे शिशुओं को गंभीर बीमारी और मृत्यु का सबसे बड़ा खतरा होता है।

तो काली खांसी के लिए यह इतना बड़ा साल क्यों रहा? और हम इस खतरनाक बीमारी को आगे फैलने से कैसे रोक सकते हैं?

सबसे पहले, काली खांसी क्या है?

काली खांसी एक संक्रमण है जो फेफड़ों और वायुमार्ग को प्रभावित करता है। यह जीवाणु बोर्डेटेला पर्टुसिस के कारण होता है। अन्य श्वसन संक्रमणों की तरह, यह खांसने, छींकने या बात करने के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैल जाता है।

वयस्क और बच्चे काली खांसी से बीमार हो सकते हैं और लंबे समय तक खांसी से पीड़ित हो सकते हैं जो हफ्तों या महीनों तक रह सकती है। शिशुओं में, जब इस तरह की खांसी होती है तो उनके सांस लेने पर ‘हूप’ की आवाज आती है और खांसने के बाद उन्हें उल्टी हो सकती है। कुछ मामलों में, खांसी नहीं होती, और एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सांस लेने में रुकावट का अनुभव हो सकता है या उनका रंग नीला पड़ सकता है।

छह महीने से छोटे बच्चे विशेष रूप से काली खांसी की चपेट में आते हैं क्योंकि तब तक उनका पूरी तरह से टीकाकरण नहीं हुआ होता है। चार महीने से कम उम्र के शिशुओं में अस्पताल में भर्ती होने की दर सबसे अधिक है। एक वर्ष से कम उम्र के अस्पताल में भर्ती 100 बच्चों में से लगभग एक की संक्रमण से मृत्यु हो सकती है।

इस साल मामले क्यों बढ़ रहे हैं?

अन्य संक्रामक रोगों के साथ, जिनमें इन्फ्लूएंजा जैसे वायरल संक्रमण और समूह ए स्ट्रेप्टोकोकल संक्रमण जैसे जीवाणु संक्रमण शामिल हैं, काली खांसी लगभग कोविड ​​​​महामारी के चरम पर गायब हो गई।

सामाजिक दूरी के उपायों में ढील दिए जाने के बाद, हमने श्वसन संक्रमण फैलने का सामान्य से अधिक बोझ देखा है। यह उन बच्चों के लिए विशेष रूप से सच है, जिनका लॉकडाउन अवधि के दौरान बाहरी वातावरण से कम संपर्क था।

काली खांसी आमतौर पर हर तीन से चार साल में बढ़ती है, लेकिन महामारी के दौरान सामाजिक दूरी, सीमा नियंत्रण, लॉकडाउन और मास्क पहनने का मतलब है कि हमारी आखिरी चरम स्थिति 2016 में थी। इसलिए अब कई लोगों में काली खांसी के प्रति सामान्य की तुलना में कम प्रतिरोधक क्षमता है।

इसके अलावा, काली खांसी अत्यधिक संक्रामक होती है और प्रतिरक्षा – चाहे टीकाकरण से हो या प्राकृतिक संक्रमण से – समय के साथ कम हो जाती है। इससे लोगों को बार-बार संक्रमण होने का खतरा रहता है।

वैक्सीन के बारे में क्या?

टीकाकरण खुद को और कमजोर बच्चों को काली खांसी के संक्रमण से बचाने का सबसे अच्छा तरीका है।

ऑस्ट्रेलिया में, बच्चों को छह सप्ताह, चार महीने और छह महीने (प्राथमिक पाठ्यक्रम) की उम्र में छह पर्टुसिस टीके लगाए जाते हैं। ‘बूस्टर’ खुराक 18 महीने, चार साल और 7 साल की उम्र में दी जाती है।

बहुत छोटे शिशुओं की सुरक्षा के लिए मातृ टीकाकरण सबसे अच्छा तरीका है। गर्भवती महिलाओं के लिए काली खांसी बूस्टर खुराक की सिफारिश गर्भावस्था के 20 सप्ताह से की जाती है।

यह बच्चे में सुरक्षात्मक एंटीबॉडी के हस्तांतरण में मदद देता है, जिससे जीवन के पहले कुछ महीनों के दौरान काली खांसी होने की संभावना कम हो जाती है – विशेष रूप से छह सप्ताह में अपना पहला टीकाकरण प्राप्त करने से पहले।

स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों और वयस्कों के लिए भी बूस्टर खुराक की सिफारिश की जाती है जो शिशुओं के निकट संपर्क में आते हैं, या छोटे शिशुओं की देखभाल करते हैं।

वैक्सीन कितनी असरदार है?

वर्तमान में अनुशंसित टीके गंभीर काली खांसी (लगभग 85% प्रभावकारिता) से सुरक्षा प्रदान करने में अच्छे हैं। वे बच्चों में हल्के संक्रमण से रक्षा करने में कम सक्षम हैं। इसका मतलब यह है कि उनका काली खांसी के संचरण को कम करने पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है, जो तब होता है जब हल्के संक्रमण वाले लोग बाहर निकलने और समुदाय में घुलने-मिलने के लिए पर्याप्त रूप से स्वस्थ होते हैं।

ऑस्ट्रेलिया में उपलब्ध काली खांसी के टीके ‘अकोशिकीय’ टीके हैं। इन्हें ‘संपूर्ण कोशिका’ निष्क्रिय टीकों (बोर्डेटेला पर्टुसिस के संपूर्ण निष्क्रिय संस्करण पर आधारित) के बजाय शुद्ध प्रोटीन का उपयोग करके बनाया जाता है।

पहले संपूर्ण कोशिका टीकों का उपयोग किया जाता था और इससे बेहतर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न होती थी, लेकिन इसके अधिक दुष्प्रभाव भी होते थे, जैसे बुखार या इंजेक्शन स्थल पर प्रतिक्रिया। अकोशिकीय टीके कम दुष्प्रभाव पैदा करते हैं और बहुत सुरक्षित होते हैं, लेकिन इसके परिणामस्वरूप प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया थोड़ी कम हो सकती है, जो समय के साथ ठीक हो जाती है।

इसे संबोधित करने के लिए, संपूर्ण कोशिका वैक्सीन की भूमिका पर पुनर्विचार करने के लिए अनुसंधान चल रहा है। अन्य शोध नई वैक्सीन वितरण विधियों का परीक्षण कर रहे हैं, जैसे कि नाक स्प्रे, जो काली खांसी के सामुदायिक संचरण को बेहतर ढंग से कम करने में सक्षम हो सकता है।

हम बढ़वार को कैसे रोक सकते हैं?

कोविड महामारी के कारण नियमित टीकाकरण कवरेज में गिरावट आई। यह व्यावहारिक पहुंच के मुद्दों के संयोजन के कारण था – उदाहरण के लिए, लोग अपने डाक्टर के पास जाने पर कोविड ​​​​होने के बारे में चिंतित थे अन्य बीमारियों की तरफ उनका ध्यान कम था।

पूरे ऑस्ट्रेलिया में, छोटे बच्चों में अप-टू-डेट पर्टुसिस टीकाकरण कवरेज 2021 में 94.2% से घटकर 2022 में 93.6% हो गया। यह गिरावट हजारों बच्चों का प्रतिनिधित्व करती है और हमें हमारे 95% कवरेज लक्ष्य से और नीचे भेजती है।

2022 में किशोरों में कवरेज और भी कम (86.9%) था, कई बच्चों की 7वीं वर्ष की बूस्टर खुराक छूट गई थी।

हमारे पास पहले मातृ टीकाकरण पर अच्छा राष्ट्रीय डेटा नहीं था, क्योंकि ऐतिहासिक रूप से ऑस्ट्रेलियाई टीकाकरण रजिस्टर गर्भावस्था की स्थिति को रिकॉर्ड नहीं करता था। लेकिन शोध से पता चला है कि गर्भवती माताओं में कवरेज परिवर्तनशील है (49% से 89% के बीच)। दरें विशेष रूप से स्वदेशी महिलाओं, सांस्कृतिक और भाषाई रूप से विविध महिलाओं और निम्न सामाजिक आर्थिक स्थिति वाली महिलाओं के बीच कम हैं।

ऑस्ट्रेलियाई टीकाकरण रजिस्टर के हालिया अपडेट, गर्भावस्था के दस्तावेज़ीकरण की अनुमति, इस समूह में टीका कवरेज के बारे में हमारी समझ में सुधार करेंगे।

यह आवश्यक है कि गर्भवती महिलाएं और माता-पिता यह सुनिश्चित करें कि वे और उनके बच्चे नियमित टीकाकरण से अपडेट रहें। इससे सभी को टीके से बचाव योग्य बीमारियों से बचाने में मदद मिलेगी, जिनमें शिशु भी शामिल हैं, जो काली खांसी और अन्य संक्रमणों से बहुत बीमार होने के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।

द कन्वरसेशन एकता एकता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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