नई दिल्ली: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच वार्ता केवल दस मिनट में तनावपूर्ण बहस में बदल गई और विफल हो गई. व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुई इस मुलाकात में ट्रंप और उनके उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ज़ेलेंस्की को दुनिया भर के मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई.
ट्रंप और वेंस ने यूक्रेनी नेता से अमेरिकी समर्थन के लिए अधिक आभार व्यक्त करने की मांग की और कहा कि वह “असम्मानजनक” व्यवहार कर रहे हैं. उन्होंने ज़ेलेंस्की से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ संघर्षविराम पर सहमत होने के लिए अधिक प्रयास करने को कहा ताकि रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त किया जा सके.
आखिरकार, ज़ेलेंस्की को व्हाइट हाउस से समय से पहले ही बाहर निकलने के लिए कह दिया गया और उनके साथ प्रस्तावित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को रद्द कर दिया गया.
यह एक असाधारण घटनाक्रम था जिसने निश्चित रूप से यूक्रेन और पूरे यूरोप को झकझोर कर रख दिया. इस बैठक से पहले उम्मीद थी कि दोनों देश खनिज सौदे पर साइन करेंगे—जिसकी दोनों पक्षों ने सराहना की थी और इससे अमेरिका को यूक्रेन में एक बड़ा हिस्सा मिलता—लेकिन ऐसा कोई समझौता नहीं हो सका.
बैठक की शुरुआत यूक्रेन और रूस के बीच संघर्षविराम के लिए सुरक्षा गारंटी पर चर्चा से हुई थी, लेकिन जल्द ही यह एक उग्र बहस में बदल गई.
“हमने तुम्हें मजबूत नेता बनने का अवसर दिया… तुम्हें समझौता करना होगा, नहीं तो हम पीछे हट जाएंगे. तुम्हारे पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं,” ट्रंप ने ज़ेलेंस्की से कहा, जो इस दौरान गुस्से से भरे हुए नजर आए. वहीं, वाशिंगटन स्थित यूक्रेनी राजदूत ओक्साना मार्कारोवा को सिर पकड़कर असहाय बैठे देखा गया, जबकि बहस तेज होती चली गई.
बैठक के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “वह तब वापस आ सकता है जब वह शांति के लिए तैयार होगा.” उन्होंने दोहराया कि ज़ेलेंस्की ने ओवल ऑफिस में अमेरिका का “अपमान” किया है. इसके तुरंत बाद, ज़ेलेंस्की की गाड़ी व्हाइट हाउस से निकलते हुए कैमरों में कैद हो गई.
एक नई तरह की कूटनीति
करीब चालीस मिनट की सौहार्दपूर्ण बातचीत के बाद अचानक माहौल गरमा गया.
बैठक के दौरान कई तनाव भर पल आए, लेकिन हालात तब बिगड़ने लगे जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कूटनीति को शांति और समृद्धि का रास्ता बताया.
“आप किस तरह की कूटनीति की बात कर रहे हैं, जेडी? आपका मतलब क्या है?” ज़ेलेंस्की ने तीखे लहजे में पूछा, यह याद दिलाते हुए कि रूस ने 2019 में संघर्षविराम वार्ता विफल होने के बाद यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण किया था.
वेंस ने इसे “मीडिया के सामने बहस छेड़ने” जैसा बताते हुए ज़ेलेंस्की को अपमान करार दिया. दोनों के बीच गरमागरम बहस होती रही, जबकि ट्रंप चुपचाप देखते रहे.
लेकिन ज़ेलेंस्की की एक टिप्पणी ने ट्रंप को वापस चर्चा में खींच लिया. उन्होंने कहा, “युद्ध के दौरान सभी को समस्याएं होती हैं, यहां तक कि आपको भी. लेकिन आपके पास एक अच्छा महासागर है, इसलिए आप इसे अभी महसूस नहीं कर रहे, लेकिन भविष्य में करेंगे.”
ट्रंप को यह संकेत नागवार गुजरा कि अमेरिका स्थिति की गंभीरता नहीं समझ रहा.
“हमें मत बताइए कि हम क्या महसूस करेंगे. आपको यह कहने का कोई हक नहीं,” ट्रंप ने कड़ी आवाज़ में जवाब दिया. “इस समय आपके पास कोई विकल्प नहीं हैं.”
इसके बाद, ट्रंप ने ज़ेलेंस्की के उस बयान पर नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि यूक्रेन इस युद्ध में “अकेला” है. ट्रंप, जो इस युद्ध को अमेरिकी करदाताओं पर बोझ मानते हैं, ने उन्हें याद दिलाया कि यूक्रेन अकेला नहीं है, बल्कि “अमेरिका के बेवकूफ राष्ट्रपति” (पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन) के कारण उसे मदद मिल रही है.
फिर वेंस ने ज़ेलेंस्की से पूछा, “क्या आपने कभी अमेरिका को उसकी मदद के लिए धन्यवाद कहा?”
ज़ेलेंस्की ने जवाब देना शुरू किया, “कृपया, आप सोचते हैं कि यदि आप युद्ध पर बहुत ज़ोर से बोलेंगे…”
लेकिन इससे पहले कि वह अपनी बात पूरी कर पाते, ट्रंप ने उन्हें बीच में ही रोक दिया.
“वे ज़ोर से नहीं बोल रहे,” ट्रंप ने वेंस का बचाव करते हुए कहा. “आपका देश बड़ी मुश्किल में है. आप यह युद्ध नहीं जीत रहे। अगर आपके पास बचने का कोई अच्छा मौका है, तो वह हमारी वजह से है.”
यह अमेरिकी राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति द्वारा ज़ेलेंस्की की एक तरह से सार्वजनिक फटकार थी, जिसमें उन्हें लापरवाह और अहसान फरामोश ठहराया गया.
“बस धन्यवाद कहिए!” वेंस ने झुंझलाते हुए ज़ोर देकर कहा.
एक अनौपचारिक निकास
जैसे-जैसे बातचीत बेकाबू होती गई, ज़ेलेंस्की अपनी बात रखने की कोशिश करते रहे, लेकिन ओवल ऑफिस में ट्रंप और वेंस के सामने खुद को घिरा हुआ पाया.
तेज़ बहस के बाद, ट्रंप ने तुरंत अपने प्रमुख सलाहकारों के साथ ओवल ऑफिस में बैठक की. प्रेस पूल में मौजूद पत्रकारों के अनुसार, ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से चर्चा के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि ज़ेलेंस्की किसी समझौते की स्थिति में नहीं हैं.
इसके बाद, ट्रंप ने रुबियो और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वॉल्ट्ज को निर्देश दिया कि वे ज़ेलेंस्की को व्हाइट हाउस छोड़ने के लिए कहें.
यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल, जो पास के एक कमरे में इंतजार कर रहा था और तय प्रोटोकॉल के अनुसार दोबारा मिलने वाला था, अचानक मिले आदेश से चौंक गया। व्हाइट हाउस के गलियारों में लंच के लिए तैयार रखा गया खाना वैसे ही रह गया, क्योंकि यूक्रेनी टीम को वहां से रवाना होने के लिए कहा गया.
ज़ेलेंस्की को व्हाइट हाउस छोड़ते हुए अपनी कार में फोन पर बात करते देखा गया.
इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन और ज़ेलेंस्की के समर्थन में बयान जारी किए. अब सभी की नज़रें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर हैं, जो रविवार को ज़ेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के साथ यूक्रेन पर अंतरराष्ट्रीय बैठक की मेज़बानी करेंगे.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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