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Tuesday, 21 April, 2026
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संयुक्त राष्ट्र बाह्य अंतरिक्ष शांति संधि के लिए फिर से प्रयासरत

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एडीलेड, 11 अप्रैल (360इंफो) बाह्य अंतरिक्ष शांति संधि को लेकर दशकों से अंतरराष्ट्रीय समझौते की कमी महसूस की जा रही है, लेकिन एक नया कार्य दल नया रास्ता तलाशने का प्रयास कर रहा है।

रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेन में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए एलोन मस्क के स्टारलिंक उपग्रहों के इस्तेमाल और वायसैट नेटवर्क पर साइबर हमले ने एक बार फिर युद्ध की स्थिति में अंतरिक्ष से जुड़ी संपत्तियों की महत्ता और उसकी अतिसंवेदनशीलता की ओर ध्यान आकृष्ट किया है।

यद्यपि स्टारलिंक ने रूसी हमले के दौरान यूक्रेनवासियों को संचार के आदान-प्रदान में मदद पहुंचाई है, लेकिन मस्क ने उपभोक्ताओं को आगाह किया है कि रूसी हमले में खास एंटीना को निशाना बनाया जा सकता है।

पृथ्वी की निचली कक्षा से संचालित होने वाले स्टारलिंक उपग्रह भी अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध लक्ष्य हो सकते हैं। युद्ध की स्थिति में अंतरिक्ष को लेकर बढ़ती चिंता का यह एक उदाहरण मात्र है। अंतरिक्ष में शांति पर विचार करने के लिए पहली बार संयुक्त राष्ट्र कार्यकारी दल की अगले माह बैठक होगी।

पचास के दशक में पहली बार संचार और निगरानी उपग्रहों की तैनाती के समय से अंतरिक्ष का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता रहा है और कई देशों की सेना अंतरिक्ष कार्यक्रमों में तल्लीनता से शामिल रही है। पचास के दशक के अंतिम वर्षों में और साठ के दशक में अंतरिक्ष में परमाणु विस्फोट सहित हथियारों का परीक्षण किया गया था, जिसके बाद से अंतरिक्ष में युद्ध की विध्वंसकारी आशंकाओं तथा पृथ्वी पर इसके प्रभावों को लेकर चिंता बढ़ी।

इस आशंका के परिणामस्वरूप 1958 में बाहरी अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण इस्तेमाल पर संयुक्त राष्ट्र समिति गठित की गयी थी और ‘बाह्य अंतरिक्ष संधि’ को लेकर 1967 में मसौदा तैयार किया गया और उस पर बातचीत भी हुई थी।

अंतरिक्ष संधि में जिक्र किया गया है कि अंतरिक्ष का उपयोग ‘शांतिपूर्ण उद्देश्यों’ के लिए किया जाएगा और किसी भी परमाणु हथियार या ‘सामूहिक विनाश के किसी अन्य प्रकार के हथियार’ को पृथ्वी के चारों ओर कक्षा में या अंतरिक्ष में तैनात करने की अनुमति नहीं होगी। लेकिन पृथ्वी से अंतरिक्ष में किसी हथियार को लक्षित करना या शत्रुतापूर्ण उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष या उससे संबंधित संपत्तियों का उपयोग करना स्पष्ट रूप से निषिद्ध नहीं है।

कुल 111 देश बाह्य अंतरिक्ष संधि का हिस्सा थे, और बाद में 23 देशों ने इस पर हस्ताक्षर किये थे। इसके बाद चार अन्य बहुपक्षीय अंतरिक्ष संधि को भी अपनाया गया है। इनमें अंतिम संधि थी- ‘मून एग्रीमेंट’, जो अंतिम तौर पर 1984 में लागू हुई थी। लेकिन इन संधियों पर हस्ताक्षर करने वाले देशों की संख्या बहुत कम थी और ऐसा प्रतीत हुआ कि बहुपक्षीय अंतरिक्ष संधियों का युग बीत गया।

‘‘मानकों, नियमों और जिम्मेदार व्यवहार के सिद्धांतों के जरिये अंतरिक्ष के खतरों को कम करने’’ को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने दिसम्बर 2020 में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की थी और निरस्त्रीकरण तथा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित पहली समिति का गठन किया गया था।

संरा कार्यदल की पहली बैठक मई 2022 में होगी। इसका कार्य अंतरिक्ष और इससे जुड़ी प्रणालियों को खतरे के मद्देनजर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का आकलन करना है। अंतत: यह कार्यदल बाहरी अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ को रोकने की कोशिश कर रहा है।

(360इंफो.ऑर्ग) सुरेश नरेश

नरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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