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Wednesday, 1 April, 2026
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ब्रिटेन की संसदीय समिति ने पीओके में ‘बिगडत़ी स्थिति’ पर चिंता जताई

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(अदिति खन्ना)

लंदन, एक अक्टूबर (भाषा) ब्रिटेन की एक संसदीय समिति ने अपने विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) को पत्र लिखकर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ‘‘बिगड़ती स्थिति’’ पर गंभीर चिंता जताई है और उस क्षेत्र में संचार पर पूर्ण रोक की खबरों की ओर ध्यान आकृष्ट कराया है।

कश्मीर ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (एपीपीजी) के अध्यक्ष इमरान हुसैन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा कर क्षेत्र में हो रहे विरोध प्रदर्शन और लॉकडाउन की ओर एफसीडीओ मंत्री (पाकिस्तान प्रभारी) हामिश फाल्कनर का ध्यान आकृष्ट किया।

मूल रूप से पीओके के मीरपुर से ताल्लुक रखने वाले और ब्रैडफोर्ड ईस्ट से लेबर पार्टी के सांसद ने पत्र में कहा है कि संचार ‘ब्लैकआउट’ (पूर्ण प्रतिबंध) के कारण उनके निर्वाचन क्षेत्र के उन लोगों में गहरी चिंता पैदा हो गई है, जिनके परिवार पीओके में रहते हैं।

हुसैन ने पत्र में कहा, ‘‘जमीनी स्तर से प्राप्त खबरों से जानकारी मिलती है कि पूरे क्षेत्र में मोबाइल, इंटरनेट और लैंडलाइन सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप है।’’

पत्र में लिखा, ‘‘इन कार्रवाइयों से हमारे कई मतदाताओं में गहरी चिंता पैदा हो गई है, जो अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की खबरों से माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है, जिससे निवासियों की सुरक्षा और कल्याण को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।’’

कश्मीर एपीपीजी ने सार्वजनिक प्रदर्शनों को कुचलने के लिए संचार के निलंबन और बल प्रयोग की निंदा करते हुए इसे एक ‘‘महत्वपूर्ण’’ मानवाधिकार मुद्दा बताया और ब्रिटिश सरकार से क्षेत्र में शांतिपूर्ण और बातचीत के माध्यम से समाधान का समर्थन करने के लिए अपने ‘‘राजनयिक प्रभाव’’ का इस्तेमाल करने का आह्वान किया।

पत्र में कहा गया है, ‘‘हम विनम्रता से अनुरोध करते हैं कि विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय इस मामले को तत्काल पाकिस्तानी सरकार के समक्ष उठाए तथा तत्काल संचार बहाल करने, तनाव कम करने और हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत को प्रोत्साहित करे।’’

इसमें कहा गया, ‘‘हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए तत्परता और नैतिक स्पष्टता के साथ कार्य करे।’’

एफसीडीओ ने अभी तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन फाल्कनर ने पूर्व में क्षेत्र में ‘‘दीर्घकालिक स्थिरता’’ के लिए अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करने के ब्रिटिश सरकार के रुख को दोहराया है।

इस बीच, पाकिस्तान से मिली खबरों से संकेत मिला है कि जम्मू कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएसी) द्वारा लंबित मांगों को लेकर हड़ताल के आह्वान के बाद पीओके में कई समूहों ने एक साथ विरोध प्रदर्शन शुरू किया है।

पीओके में रविवार से ही संचार व्यवस्था ठप है। क्षेत्र से प्रदर्शनकारियों के हताहत होने की भी खबरें हैं।

भाषा धीरज सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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