(योषिता सिंह)
संयुक्त राष्ट्र, 25 सितंबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि आतंकवाद विकास के लिए ‘लगातार खतरा’ बना हुआ है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि दुनिया को आतंकवादी गतिविधियों के प्रति न तो सहिष्णुता दिखानी चाहिए और न ही उन्हें सहयोग देना चाहिए।
यहां जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि जो देश किसी भी मोर्चे पर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, वे ‘समग्र रूप से अंतरराष्ट्रीय समुदाय की बड़ी सेवा’ करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय शांति और वैश्विक विकास के बीच संबंधों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में दोनों में गिरावट आई है।
उन्होंने कहा, ‘विकास के लिए एक निरंतर खतरा आतंकवाद है जो शांति में बाधा डालने वाला है।’ उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी है कि दुनिया आतंकवादी गतिविधियों के प्रति न तो सहिष्णुता दिखाए और न ही उन्हें सहयोग दे।’
जयशंकर ने कहा कि जैसे-जैसे दुनिया संघर्ष, आर्थिक दबाव और आतंकवाद का सामना कर रही है, बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं।
उन्होंने कहा, ‘बहुपक्षवाद में सुधार की आवश्यकता पहले कभी इतनी अधिक नहीं थी।’ उन्होंने कहा कि आज अंतराष्ट्रीय हालात राजनीतिक और आर्थिक दोनों ही दृष्टि से अस्थिर है।
जयशंकर ने कहा, ‘जी-20 के सदस्य के रूप में हमारी विशेष जिम्मेदारी है कि हम इसकी स्थिरता को मजबूत करें तथा इसे अधिक सकारात्मक दिशा प्रदान करें, जो कि वार्ता और कूटनीति के माध्यम से आतंकवाद का दृढ़तापूर्वक मुकाबला करके तथा मजबूत ऊर्जा एवं आर्थिक सुरक्षा की आवश्यकता को समझकर सर्वोत्तम ढंग से किया जा सकता है।’
भाषा आशीष वैभव
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