(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, 27 जनवरी (भाषा) सिंगापुर में डॉक्टर बनने के इच्छुक छात्र अब भारत के ‘मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन’ सहित आठ और विदेशी संस्थानों में मेडिकल की पढ़ाई कर सकेंगे।
सिंगापुर ने उम्रदराज होती आबादी के कारण डॉक्टरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से इन विश्वविद्यालयों की डिग्रियों को मान्यता देने का फैसला किया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और सिंगापुर चिकित्सा परिषद (एसएमसी) ने मंगलवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि नयी मंजूरी प्राप्त ये संस्थान सिंगापुर को उम्रदराज़ होती जनसंख्या के बीच डॉक्टरों की बढ़ती जरूरत को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद करेंगे।
इन आठ विश्वविद्यालयों को शामिल किए जाने के साथ ही एक फरवरी 2026 तक सिंगापुर में मान्यता प्राप्त विदेशी मेडिकल स्कूलों की संख्या 112 से बढ़कर 120 हो गई है। मंत्रालय ने बताया कि उसने चिकित्सा पंजीकरण अधिनियम, 1997 की दूसरी अनुसूची में आठ मेडिकल स्कूलों को जोड़ने संबंधी एसएमसी की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है।
मणिपाल के अलावा जिन विश्वविद्यालयों को सूची में शामिल किया गया है, उनमें ऑस्ट्रेलिया का एडिलेड विश्वविद्यालय, आयरलैंड का यूनिवर्सिटी ऑफ गॉलवे, मलेशिया का यूनिवर्सिटी सैन्स मलेशिया, पाकिस्तान का आगा खान यूनिवर्सिटी मेडिकल कॉलेज, चीन का त्सिंगहुआ विश्वविद्यालय, ब्रिटेन का यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर और ब्रिटेन का ही सिटी सेंट जॉर्ज़, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन शामिल हैं।
बयान के अनुसार, 2026 से चिकित्सा डिग्री हासिल करने के इच्छुक छात्र इन विदेशी संस्थानों में आवेदन कर सकेंगे।
बयान में कहा गया है कि मूल्यांकन के दौरान कई कारकों को ध्यान में रखा जाता है, जिनमें विश्वविद्यालयों की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग, शिक्षण का माध्यम अंग्रेज़ी होना और इन संस्थानों से निकले डॉक्टरों का प्रदर्शन शामिल है।
इसमें कहा गया है कि एसएमसी विदेशी प्रशिक्षित डॉक्टरों का शुरुआती वर्षों में एक निगरानी ढांचे के तहत मूल्यांकन जारी रखेगा, ताकि चिकित्सा अभ्यास के उच्च मानकों को सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा गोला मनीषा
मनीषा
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