नई दिल्ली: सऊदी अरब और कतर ने पाकिस्तान को 5 अरब डॉलर की आर्थिक मदद देने का वादा किया है. यह जानकारी अंकारा स्थित अनादोलू एजेंसी ने पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से दी है.
यह मदद ऐसे समय आ रही है जब पाकिस्तान को अप्रैल के अंत तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का 3.5 अरब डॉलर का कर्ज चुकाना है, क्योंकि अबू धाबी ने तुरंत भुगतान की मांग की है.
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस भुगतान को राष्ट्रीय सम्मान का मामला बताया. रिपोर्ट में दिए गए बयान के अनुसार, “हमारे भाई देश ने भुगतान की मांग की, और आर्थिक कारणों से राष्ट्रीय सम्मान से समझौता नहीं किया जा सकता था.”
सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल्ला अल-जदान ने शुक्रवार शाम इस्लामाबाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात की. इस बैठक में आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई.
इस बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी शामिल थे. हालांकि, कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि आर्थिक मदद को लेकर दोनों देशों के वित्त मंत्रालयों के बीच पहले से बातचीत चल रही थी.
रियाद और दोहा से आने वाला यह पैसा पाकिस्तान को अपने विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव से निपटने में मदद करेगा, जो फिलहाल करीब 16.4 अरब डॉलर है और बाहरी भुगतान बनाए रखने में भी सहायक होगा.
पाकिस्तान ने अतिरिक्त आर्थिक मदद भी मांगी थी, जिसमें पहले से जमा नकदी को बढ़ाने और तेल वित्तपोषण सुविधा को आगे बढ़ाने की मांग शामिल है, जो इस महीने खत्म होने वाली है.
जल्दी भुगतान की वजह क्षेत्र में बढ़ता तनाव भी बताया जा रहा है, जिसके कारण अबू धाबी लंबे समय के लिए कर्ज बढ़ाने में हिचकिचा रहा है.
इस साल की शुरुआत में UAE ने पाकिस्तान के 1-1 अरब डॉलर के दो कर्ज को सिर्फ एक महीने के लिए बढ़ाया था, जबकि पाकिस्तान ने कम ब्याज दर पर दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग की थी.
इसी बीच, पाकिस्तान ने पिछले साल हुए रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब में लड़ाकू विमान और सैन्य कर्मियों को भी तैनात किया है.
सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तानी विमान और सहयोगी स्टाफ सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में किंग अब्दुलअज़ीज एयर बेस पर पहुंच चुके हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने 13,000 सैनिक और 12 से 18 लड़ाकू विमान भेजे हैं.
अमेरिका-ईरान वार्ता के असफल रहने के बाद पाकिस्तान 50,000 तक सैनिक और अतिरिक्त विमान भी तैनात कर सकता है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
