पेशावर, 14 अक्टूबर (भाषा) जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) ने मंगलवार को पेशावर उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री के हालिया चुनाव को रद्द करने और इसे ‘‘अमान्य’’ घोषित करने का अनुरोध किया है।
जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उम्मीदवार सोहेल अफरीदी को सोमवार को विपक्ष के बहिर्गमन से प्रभावित विधानसभा सत्र के दौरान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत का नया मुख्यमंत्री चुना गया।
अफरीदी को 90 वोट मिले, जबकि जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ), पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को एक भी वोट नहीं मिला।
यह याचिका जेयूआई-एफ उम्मीदवार और प्रांतीय विधानसभा के सदस्य मौलाना लुत्फुर रहमान ने दायर की। रहमान जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान के छोटे भाई हैं।
रहमान ने अदालत से चुनाव को रद्द करने का आग्रह किया और इसे ‘अवैध, मनमाना और अधिकार क्षेत्र से बाहर’ करार दिया।
उन्होंने चुनाव की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि निवर्तमान मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 130(8) का हवाला दिया, जिसमें कहा गया है कि नया चुनाव कराने से पहले मुख्यमंत्री का पद रिक्त होना चाहिए।
याचिका में खैबर पख्तूनख्वा सरकार, राज्यपाल फैसल करीम कुंडी, प्रांतीय विधानसभा अध्यक्ष बाबर सलीम स्वाति के माध्यम से, विधानसभा सचिव, निवर्तमान मुख्यमंत्री गंडापुर और नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री अफरीदी को प्रतिवादी बनाया गया है।
भाषा शोभना मनीषा
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