(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 16 अक्टूबर (भाषा) पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह संघीय अधिकारियों से पिछले हफ्ते हिंसक विरोध प्रदर्शन करने वाले चरमपंथी समूह तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करेगी।
इस समूह ने शुक्रवार को एक विरोध मार्च शुरू किया था, जिसका उद्देश्य फलस्तीन के लोगों के समर्थन में इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के सामने धरना देना था।
इस्लामाबाद जाते समय रविवार रात टीएलपी समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प में एक पुलिस अधिकारी समेत कम से कम पांच लोग मारे गए और दर्जनों घायल हो गए।
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज के कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था पर एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसके दौरान ‘‘राज्य की सत्ता और कानून के शासन की सर्वोच्चता स्थापित करने के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए।’’
टीएलपी के नाम के उल्लेख के बिना, इस बयान में एक ‘‘चरमपंथी पार्टी’’ के खिलाफ लिए गए फैसलों का जिक्र था, जिसमें यह भी शामिल था कि पंजाब सरकार ‘‘संघीय सरकार से एक चरमपंथी पार्टी पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश करेगी।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘चरमपंथी पार्टी के नेतृत्व को आतंकवाद-रोधी अधिनियम की चौथी अनुसूची में रखा जाएगा।’’
चौथी अनुसूची उन प्रतिबंधित व्यक्तियों की सूची है जिन पर 1997 के आतंकवाद-रोधी अधिनियम (एटीए) के तहत आतंकवाद या सांप्रदायिकता का संदेह है।
प्रांतीय सरकार ने फैसला किया, ‘‘पंजाब में नफरत फैलाने वाले भाषण, भड़काऊ भाषण और कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।’’
यह भी फैसला किया गया कि ‘‘पुलिस अधिकारियों की हत्या और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं’’ के खिलाफ आतंकवाद-रोधी अदालतों में मुकदमा चलाया जाएगा।
भाषा शफीक पवनेश
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