(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, 27 फरवरी (भाषा) पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ अब ‘‘खुली जंग’’ जारी है और उसकी सेनाओं ने काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमलों में 130 से अधिक तालिबान लड़ाकों को मार गिराया।
पाकिस्तान द्वारा ये हमले अफगान तालिबान के सीमा पार हमले के जवाब में किये गये।
दोनों देशों के बीच 2,611 किलोमीटर लंबी सीमा को ‘डूरंड रेखा’ कहा जाता है, जिसे अफगानिस्तान औपचारिक रूप से मान्यता नहीं देता।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि ‘‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है’’ और अब अफगानिस्तान के खिलाफ ‘‘खुली जंग’’ जारी है।
आसिफ ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘हमारे देश का धैर्य अब जवाब दे चुका है और अब अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग जारी है…अब होगा ‘दमा दम मस्त कलंदर’। पाकिस्तान की सेना समुद्र पार से नहीं आई है। हम आपके पड़ोसी हैं; हम आपके हर कोने से वाकिफ हैं।’’
पाकिस्तानी सेना द्वारा बृहस्पतिवार देर रात ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ के तहत अफगानिस्तान में कई स्थानों पर हमले शुरू करने के कुछ घंटों बाद उनकी यह टिप्पणी आई। पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि सीमा पार से ‘‘बिना उकसावे के गोलीबारी’’ के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने ये हमले किए थे।
‘दमा दम मस्त कलंदर’ सिंधी सूफी संत लाल शहबाज कलंदर से जुड़ा एक आध्यात्मिक गीत है।
‘टोलो न्यूज’ की खबर के अनुसार, अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ‘डूरंड रेखा’ के पास अफगान बलों द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 55 सैनिक मारे गए।
मंत्रालय ने कहा कि अभियान के दौरान, अफगान बलों ने पाकिस्तान सेना सेना के दो मुख्यालय और 19 चौकियों पर कब्जा कर लिया।
पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इस्हाक डार ने मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए तुर्किये और सऊदी अरब के अपने समकक्षों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की।
विदेश कार्यालय ने बताया कि तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ बातचीत के दौरान, डार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की ओर से बिना उकसावे के किये गए हमले का उचित जवाब दिया।
इसने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के महत्व पर जोर दिया और मौजूदा घटनाक्रम पर करीबी संपर्क बनाये रखने सहमति व्यक्त की।’’
विदेश कार्यालय ने कहा कि डार ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान के साथ पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर स्थिति समेत हाल के क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की।
इसने कहा कि दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के महत्व को दोहराया और घनिष्ठ रूप से जुड़े रहने पर सहमति व्यक्त की।
पाकिस्तान और सऊदी अरब ने पिछले साल एक संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें उन्होंने किसी तीसरे देश द्वारा हमले की स्थिति में एक-दूसरे की सहायता करने का वादा किया था।
चीन और रूस ने भी तनाव बढ़ने पर चिंता व्यक्त की और दोनों पक्षों से राजनयिक माध्यमों से अपने मतभेदों को सुलझाने का आह्वान किया।
चीन ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान से संघर्षविराम के लिए बातचीत करने की अपील की।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उनका देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी संघर्ष पर बारीकी से नजर रख रहा है।
अभियान के बारे में जानकारी देते हुए पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि कम से कम 133 अफगान तालिबान आतंकवादी मारे गए और 200 से अधिक अन्य घायल हो गए।
उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान की 27 चौकियां नष्ट कर दी गईं और नौ लड़ाकों को पकड़ लिया गया।
उन्होंने दावा किया कि अफगान तालिबान के दो कोर मुख्यालय, तीन ब्रिगेड मुख्यालय, दो गोला-बारूद डिपो, एक रसद अड्डा, तीन बटालियन मुख्यालय, दो सेक्टर मुख्यालय और 80 से अधिक टैंक, तोप और बख्तरबंद वाहन नष्ट कर दिए गए हैं।
सरकारी प्रसारक ‘पीटीवी न्यूज’ ने बताया कि पाकिस्तानी वायु सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया में अफगान तालिबान के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि पाकिस्तानी सशस्त्र बलों ने अफगान तालिबान की आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब दिया है।
गृह मंत्रालय ने उनके हवाले से कहा, ‘‘कायर शत्रु ने रात के अंधेरे में हमला किया। अफगान तालिबान ने निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का घृणित प्रयास किया।’’
नकवी ने कहा, ‘‘अफगान तालिबान ने हमला करके एक बहुत बड़ी गलती की है। उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हम अपनी सुरक्षा को खतरे में नहीं पड़ने देंगे।’’
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान शांति और क्षेत्रीय अखंडता पर कोई समझौता नहीं करेगा।
जरदारी ने कहा, ‘‘हमारी सशस्त्र सेनाओं की प्रतिक्रिया व्यापक और निर्णायक है। जो लोग शांतिपूर्ण रवैये को हमारी कमजोरी समझते हैं, उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा और कोई भी हमारी पहुंच से बाहर नहीं होगा।’’
प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि पाकिस्तानी सेना ‘‘किसी भी आक्रामक रवैये को कुचलने में पूरी तरह सक्षम है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्यारे वतन की रक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं होगा और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।’’
रक्षा मंत्री आसिफ ने कहा कि नाटो बलों की वापसी के बाद, अफगानिस्तान में शांति की उम्मीद थी और ऐसा माना जा रहा था कि तालिबान अफगान लोगों के विकास और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करेगा।
उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सबूत दिए बिना आरोप लगाया, ‘‘हालांकि, तालिबान ने अफगानिस्तान को भारत के एक उपनिवेश में बदल दिया। उन्होंने दुनियाभर के आतंकवादियों को अफगानिस्तान में इकट्ठा किया और आतंकवाद को बढ़ावा दिया।’’
आसिफ ने कहा, ‘‘उन्होंने अपने ही लोगों को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित कर दिया। उन्होंने इस्लाम द्वारा महिलाओं को दिए गए अधिकारों को छीन लिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज जब पाकिस्तान को आक्रामक रूप से निशाना बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं, तो हमारी सेनाएं निर्णायक जवाब दे रही हैं।’’
भाषा
देवेंद्र दिलीप
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