(सज्जाद हुसैन)
इस्लामाबाद, पांच अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को भारत से कश्मीर मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने का आग्रह किया।
अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानो को हटाये जाने की पांचवीं वर्षगांठ पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने यह बात कही ।
भारत सरकार ने पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त कर दिये थे। सरकार ने तत्कालीन जम्मू कश्मीर राज्य को ‘‘जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम’’ के जरिये दो केंद्र शासित प्रदेशों -जम्मू कश्मीर और लद्दाख में विभाजित कर दिया था।
पाकिस्तान ने 2020 में पांच अगस्त को ‘यौम-ए-इस्तेहसाल’ के रूप में नामित किया और भारत की कार्रवाई पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए वह हर साल इस दिन को मनाता है।
शरीफ ने टेलीविजन पर अपने संबोधित में कहा, ‘‘दक्षिण एशिया में स्थायी शांति और सुरक्षा के हित में भारत को विवाद से इनकार करने के बजाय विवाद के समाधान की ओर बढ़ना होगा।’’
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है और यह उसकी सुरक्षा का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अपनी परमाणु शक्ति के संबंध में कभी भी आक्रामकता के बारे में नहीं सोचा।
शरीफ ने कहा, ‘‘इसलिए, बेहतर विकल्प यही है कि शांतिपूर्ण रास्ता अपनाया जाए और साथ बैठकर कश्मीर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाए।’’
भारत लगातार कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसे संबंध चाहता है। भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि इस प्रकार के संबंध के लिए आतंक और शत्रुता से मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी इस्लामाबाद पर है।
भाषा शफीक रंजन
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