(एम जुल्करनैन)
लाहौर, 26 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मंगलवार तक लगभग दो लाख लोगों को बाढ़ संभावित इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने लगभग सभी पूर्वी नदियों में जलस्तर बढ़ने के संबंध में चेतावनी और अलर्ट जारी किए हैं।
पंजाब आपातकालीन सेवा बचाव 1122 के प्रवक्ता फारूक अहमद ने एक बयान में कहा, ‘‘जलग्रहण क्षेत्रों में मूसलाधार मानसूनी बारिश के कारण सिंधु, चिनाब, रावी और सतलुज नदियों में कई जगह कम या अधिक भीषण बाढ़ आ रही है और अगले 48 घंटों में और बारिश होने की संभावना है।’’
उन्होंने कहा कि कसूर, ओकारा, पाकपट्टन, बहावलनगर, वेहारी और नारोवाल में लोगों को निकालने का अभियान चलाया जा रहा है और इन बाढ़ प्रभावित इलाकों से 25,000 लोगों को अस्थायी आवासों में स्थानांतरित किया गया है।
पंजाब आपातकालीन सेवाओं के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कसूर, ओकारा, पाकपट्टन, बहावलनगर, वेहारी, लय्याह, भक्कर और नारोवाल से लगभग 2,00,000 लोगों को निकाला गया है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘1,75,000 से अधिक लोग खुद ही अपने घर छोड़कर चले गए, जबकि बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे 25,000 लोगों को सरकारी बचाव एजेंसियों ने नावों के जरिए बचाया है।’’
अहमद ने बताया कि बाढ़ से सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत द्वारा बाढ़ की चेतावनी दिए जाने के मद्देनजर कसूर, ओकारा, पाकपट्टन, बहावलनगर, वेहारी और नारोवाल में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।’’
भारत ने रविवार को मानवीय आधार पर राजनयिक माध्यमों से पाकिस्तान को बाढ़ की चेतावनी दी थी। मई में दोनों पक्षों के बीच चार दिनों तक चले संघर्ष के बाद, यह भारत और पाकिस्तान के बीच पहला ज्ञात आधिकारिक संपर्क था।
भाषा संतोष रंजन
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