जोहानिसबर्ग, 26 अगस्त (भाषा) सिख समुदाय द्वारा अंतर-धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा देने और पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में शांति स्थापना के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में 300 से अधिक धार्मिक और सामुदायिक नेता एकत्र हुए।
यह भव्य कार्यक्रम रविवार शाम सैंडटन में आयोजित किया गया जिसका विषय था ‘विश्वासों को जोड़ना: अफ्रीका में अंतरधार्मिक सद्भाव के माध्यम से शांति को बढ़ावा देना’। आयोजकों ने कहा कि अपनी तरह का यह पहला आयोजन पूरे महाद्वीप में शांति और सहयोगात्मक आध्यात्मिकता को बढ़ावा देने की दिशा में आधारशिला बनने की महत्वकांक्षा रखता है।
गुरुद्वारा साहिब जोहानिसबर्ग, सिख काउंसिल ऑफ अफ्रीका, हेवनली कल्चर वर्ल्ड पीस रेस्टोरेशन ऑफ लाइट (एचडब्ल्यूपीएल) और गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में ईसाई, मुस्लिम, हिंदू, सिख और अफ्रीकी पारंपरिक धर्म के नेता एक साथ आए।
दक्षिण अफ्रीका के सहकारी शासन एवं पारंपरिक मामलों के उप मंत्री डॉ. नामाने डिक्सन मासेमोला ने कहा कि 1996 में अपनाया गया दक्षिण अफ्रीका का संविधान सभी धर्मों और आस्थाओं को मान्यता देता है।
मासेमोला ने कहा, ‘धार्मिक नेता शांति स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि वे मध्यस्थ, मार्गदर्शक और आदर्श के रूप में एक विश्वसनीय आवाज को आगे बढ़ाते हैं ताकि समुदायों को शांति के लिए प्रेरित किया जा सके। उन्हें अंतर-धार्मिक संवाद और सहयोग के माध्यम से सामाजिक एकता को भी बढ़ावा देना चाहिए।’’
जोहानिसबर्ग के एकमात्र गुरुद्वारे के संस्थापक हरबिंदर सिंह सेठी ने कहा कि सभी धर्मों के रीति-रिवाज अलग-अलग होते हुए भी उनका सार एक ही है।
सेठी ने कहा, ”हम सभी ईश्वर की संतान हैं, जिन्हें एक-दूसरे की सेवा करने, उत्थान करने और संरक्षण करने के लिए भेजा गया है। आज, जब हम वैश्विक चुनौतियों, संघर्ष, असमानता और जलवायु संकटों का सामना कर रहे हैं, तो हमें विभाजनों से ऊपर उठकर सबके हित में एकजुट होकर कार्य करना होगा।”
भाषा
अमित पवनेश
पवनेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.