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Friday, 27 February, 2026
होमविदेश‘केवल अवैध घुसपैठियों’ को उचित प्रक्रियाओं का पालन कर बांग्लादेश लौटाया जा रहा: बीएसएफ महानिदेशक

‘केवल अवैध घुसपैठियों’ को उचित प्रक्रियाओं का पालन कर बांग्लादेश लौटाया जा रहा: बीएसएफ महानिदेशक

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ढाका, 28 अगस्त (भाषा) भारत और बांग्लादेश के सीमा बलों के प्रमुखों के बीच द्विवार्षिक वार्ता बृहस्पतिवार को ढाका में संपन्न हुई। इस दौरान, भारत ने स्पष्ट कहा कि केवल अवैध घुसपैठियों को ही उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वापस बांग्लादेश भेजा जा रहा है।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के प्रमुख मेजर जनरल मोहम्मद अशरफुज्जमां सिद्दीकी के साथ बीजीबी के पिलखाना मुख्यालय में आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, “भारत से लोगों को बांग्लादेश भेजने का काम उचित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया जा रहा है।”

चौधरी ने कहा कि “केवल अवैध घुसपैठियों” को ही बांग्लादेश वापस भेजा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक 550 लोगों को बीजीबी को सौंपा जा चुका है और भारत स्थित बांग्लादेश उच्चायोग की सहायता से 2,400 मामलों का सत्यापन किया जा चुका है।

बीएसएफ प्रमुख ने एक सवाल के जवाब में कहा, “सीमा कानून के उल्लंघन के मामलों में हमारे दोनों देशों के बीच एक सुस्थापित कानूनी प्रत्यावर्तन चैनल है, जिसके माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाती है।”

बीजीबी ने ढाका में दोनों सीमा बलों के बीच 56वें ​​महानिदेशक स्तरीय सम्मेलन में यह मुद्दा उठाया था।

सिद्दीकी ने कहा कि वार्ता के दौरान भारत-बांग्लादेश सीमा पर लोगों के मारे जाने के मुद्दे पर चर्चा की गई। उन्होंने एक मामले का हवाला दिया, जिसमें एक युवा बांग्लादेशी लड़के को कथित तौर पर बीएसएफ जवानों ने गोली मार दी थी।

हालांकि, बीएसएफ महानिदेशक ने कहा कि उनके जवान घातक हथियारों का इस्तेमाल केवल अंतिम विकल्प के रूप में करते हैं, जब उनकी जान को खतरा होता है।

उन्होंने बताया कि इस साल के पहले छह महीनों में घुसपैठियों की ओर से धारदार हथियारों से किए गए हमलों में बीएसएफ के 35 जवान गंभीर रूप से घायल हुए।

चौधरी ने कहा, “बीएसएफ जवान पहले चेतावनी देते हैं, फिर रास्ता अवरुद्ध करते हैं और अंतिम विकल्प के रूप में ही गोली चलाते हैं।”

यह मुद्दा लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों में एक बड़ी अड़चन बना हुआ है।

बातचीत के दौरान बीएसएफ और बीजीबी ने संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम चलाने, संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास पहल शुरू करने, सीमा सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने और अपराधियों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने से रोकने के उपाय करने पर सहमति जताई।

दोनों पक्षों ने सशस्त्र उग्रवादियों और आतंकवादी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त न करने की नीति दोहराई, मुहुरिर चार में स्थायी सीमा खंभों एवं सीमावर्ती नदियों के सीमांकन की आवश्यकता पर जोर दिया, तथा हवाई क्षेत्र के उल्लंघन से बचने के लिए सूचना साझा करने पर सहमति व्यक्ति की।

बातचीत से वाकिफ अधिकारियों ने बताया कि दोनों पक्ष अपने-अपने मीडिया को यह सलाह देने पर भी सहमत हुए कि वे ऐसी भ्रामक खबरें न प्रसारित करें, जिससे सीमा पर तनाव पैदा हो सकता है।

चार दिवसीय वार्ता के दौरान बीजीबी प्रमुख सिद्दीकी ने 21 सदस्यीय बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का, जबकि बीएसएफ महानिदेशक चौधरी ने 11 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

भाषा पारुल वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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