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Wednesday, 8 July, 2026
होमविदेशट्रूडो के आरोपों के 3 साल बाद RCMP ने कहा, निज्जर की हत्या से भारत सरकार को जोड़ने वाला कोई ‘सबूत’ नहीं

ट्रूडो के आरोपों के 3 साल बाद RCMP ने कहा, निज्जर की हत्या से भारत सरकार को जोड़ने वाला कोई ‘सबूत’ नहीं

तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के आरोपों के बाद भारत और कनाडा के रिश्ते बिगड़ गए थे. अक्टूबर 2024 में भारत ने कनाडा के 6 राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था और अपने भी 6 राजनयिक वापस बुला लिए थे.

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नई दिल्ली: कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) ने मंगलवार को कहा कि जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है, जिससे सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को भारतीय सरकार के अधिकारियों से जोड़ा जा सके.

आरसीएमपी का यह रुख इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारतीय अधिकारियों पर निज्जर की हत्या से जुड़े होने का आरोप लगाया था. भारत ने निज्जर को आतंकी घोषित किया हुआ था.

कई देशों की संयुक्त कार्रवाई के तहत मंगलवार को अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) ने तीन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गैंग के खिलाफ आरोपपत्र जारी किया. इसमें गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर जून 2023 में कनाडा के एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर की गई निज्जर की हत्या का आरोप भी लगाया गया है.

हालांकि, ट्रूडो कई साल तक यह कहते रहे कि इस हत्या में भारतीय सरकार का संबंध था. इन आरोपों की वजह से नई दिल्ली और ओटावा के रिश्ते करीब दो साल तक बेहद खराब रहे. आरसीएमपी भी अलग-अलग मौकों पर कहती रही थी कि भारत सरकार कनाडा में सिख अलगाववादियों पर नजर रख रही थी.

मंगलवार को आरसीएमपी की डिप्टी कमिश्नर लिसा मोरलैंड ने साफ कहा कि ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत जुटाए गए सबूत, जिनमें बिश्नोई गैंग पर हत्या का आरोप है, उनका भारतीय सरकार से कोई संबंध नहीं मिला.

उन्होंने सीबीसी न्यूज़ से कहा, “संगठित अपराध की इस जांच, लगाए गए आरोपों और आरोपपत्र में ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे यह पता चले कि भारतीय अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं या वे इन जांचों में शामिल थे.”

उन्होंने आगे कहा, “हर बड़ी गिरफ्तारी की तरह आज भी 50 से ज्यादा सर्च वारंट पर कार्रवाई की गई. अलग-अलग उपकरणों से खुफिया जानकारी और सबूत जुटाए जाएंगे…लेकिन मैं साफ तौर पर कह सकती हूं कि आज तक ऐसा कुछ भी सामने नहीं आया है, जो भारतीय सरकार को इस मामले से जोड़ता हो.”

यह पहली बार है जब आरसीएमपी ने बिश्नोई गैंग की कनाडा में गतिविधियों की अपनी जांच के आधार पर साफ कहा है कि निज्जर की हत्या और भारतीय सरकार के बीच कोई संबंध नहीं मिला.

हालांकि, कनाडा की अदालत में चार भारतीयों पर निज्जर की हत्या का मामला चल रहा है. मोरलैंड ने उस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

18 सितंबर 2023 को कनाडाई संसद में जस्टिन ट्रूडो के लगाए गए आरोपों के बाद दोनों देशों के रिश्तों में भारी तनाव पैदा हो गया था.

भारत ने ट्रूडो के आरोपों को खारिज कर दिया था. भारत का कहना था कि कनाडा में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गैंग सक्रिय हैं और उन्हें वहां काम करने की खुली जगह मिल रही है.

अक्टूबर 2023 तक कनाडा के मिशनों से कहा गया कि वे भारत से अपने 41 राजनयिकों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुलाएं. एक साल बाद भारत ने कनाडा से अपने उच्चायुक्त समेत 6 राजनयिकों को वापस बुला लिया और कनाडा के कार्यवाहक उच्चायुक्त स्टीवर्ट व्हीलर समेत 6 कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया.

दोनों देशों के रिश्तों में आई यह बड़ी गिरावट तब जाकर कम हुई, जब जस्टिन ट्रूडो सत्ता से हटे और मार्च 2025 में मार्क कार्नी लिबरल पार्टी के नेता बने. इसके बाद संघीय चुनाव में कार्नी की जीत के साथ ओटावा के इस मामले को संभालने के तरीके में भी बड़ा बदलाव आया.

नए प्रधानमंत्री ने सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को दोनों देशों के व्यापक रिश्तों से अलग रखा. वह इस साल मार्च में भारत की द्विपक्षीय यात्रा पर भी आए. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल G7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए कनाडा गए, जिससे दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने में मदद मिली.

मंगलवार को अमेरिकी न्याय विभाग ने बिश्नोई गैंग समेत तीन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गैंग से जुड़े 24 लोगों के खिलाफ कई आरोपों में आरोपपत्र दाखिल किया. इनमें से एक आरोप हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी है.

जिन दूसरे गैंग के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनमें जग्गू भगवानपुरिया गैंग और रविंदर सिंह धांधा के नेतृत्व वाला आपराधिक गिरोह भी शामिल है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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