हरिद्वार: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह “गोहत्या के बराबर और अपने माता-पिता की हत्या जैसा अपराध” है. उन्होंने कहा कि मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
हरिद्वार में मुरारी बापू की श्रीराम कथा के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) कर रही है और जांच कानून के अनुसार आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
हरिद्वार में परम पूज्य श्री मोरारी बापू जी के पावन सानिध्य में आयोजित 'श्री रामकथा' में सम्मिलित होकर कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का संपूर्ण जीवन सत्य, धर्म, मर्यादा, करुणा, त्याग और लोककल्याण का अनुपम संदेश देता है। प्रभु श्रीराम की कृपा… pic.twitter.com/6EU0TfqNB4
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) July 8, 2026
यह मामला बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात निजी सहायक प्रमोद नौटियाल पर मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप लगने के बाद सामने आया है.
प्रमोद नौटियाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत बद्रीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. मंदिर समिति ने आरोप लगाया है कि उन्होंने निजी लाभ के लिए मंदिर के चढ़ावे की रकम का कथित तौर पर दुरुपयोग किया.
समिति के अनुसार, 2 जुलाई को थाली भेंट (दान पात्र) की गिनती के दौरान सुबह 9 बजे से 9:30 बजे के बीच करीब 30 मिनट में चढ़ावे की रकम गिनती केंद्र से कथित तौर पर निकाल ली गई. प्रारंभिक जांच में इस संबंध में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी सामने आने के बाद समिति ने प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और कानूनी कार्रवाई शुरू की.
समिति ने 3 जुलाई को उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था. फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं.
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार मानसून के दौरान किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.