वाशिंगटन, छह अगस्त (भाषा) अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने मंगलवार को डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद के लिये आधिकारिक उम्मीदवारी हासिल कर ली। इसी के साथ वह देश की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव का टिकट पाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला बन गयी हैं।
हैरिस ने टिम वाल्ज को पार्टी की तरफ से उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना है। हैरिस (59) का नवंबर में होने वाले चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति तथा रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप से मुकाबला होगा।
हैरिस ने फिलाडेल्फिया की रैली से पहले मंगलवार सुबह मिनेसोटा के गवर्नर टिम वाल्ज (60) को उपराष्ट्रपति पद का प्रत्याशी चुना। वाल्ज 2018 में मिनेसोटा का गवर्नर बनने से पहले 12 साल तक सांसद रह चुके हैं।
पिछले महीने राष्ट्रपति जो बाइडन ने आगामी चुनाव में राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने की घोषणा की थी, जिसके बाद भारतीय मूल की उपराष्ट्रपति हैरिस को सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी का 2024 का राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था।
डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन के डेलीगेट के पांच दिवसीय ऑनलाइन मतदान के बाद हैरिस की उम्मीदवारी की आधिकारिक घोषणा की गई। पार्टी ने एक बयान में कहा कि 99 फीसदी डेलीगेट ने हैरिस के पक्ष में मतदान किया। देशभर के 4,567 डेलीगेट ने हैरिस के लिए वोट डाला।
हैरिस अब अपना नामांकन आधिकारिक रूप से स्वीकार करेंगी।
नामांकन प्रक्रिया के अगले चरण में डेमोक्रेटिक नेशनल कन्वेंशन (डीएनसी) के सचिव जेसन रे द्वारा रोल कॉल का प्रमाणन तथा हैरिस और उपराष्ट्रपति पद के लिए उनके द्वारा चुने गए उम्मीदवार द्वारा नामांकन की स्वीकृति शामिल है। इसे डीएनसी अध्यक्ष (डीएनसीसी) मिनियन मूर द्वारा प्रमाणित किया जाना है। यह सम्मेलन 19 से 22 अगस्त तक शिकागो में आयोजित किया जाएगा।
गत शुक्रवार को हैरिस को सत्तारूढ़ डेमोक्रेटिक पार्टी ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया था।
इसी के साथ हैरिस अमेरिका की प्रमुख राजनीतिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का टिकट हासिल करने वाली पहली भारतीय-अफ्रीकी महिला बन गयी हैं। वह रिपब्लिकन या डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी भी बन गयी हैं।
हैरिस की मां श्यामला गोपालन भारतीय थीं और उनके पिता डोनाल्ड जैस्पर हैरिस जमैका के थे। कमला हैरिस के माता-पिता अमेरिका में प्रवासी के तौर पर आए थे।
भाषा आशीष रंजन
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