कुआलालंपुर, 27 अक्टूबर (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ यहां अलग-अलग बैठकें कीं तथा द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की।
जयशंकर ने क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के लिए जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु और मलेशिया के अपने समकक्ष मोहम्मद हाजी हसन से भी मुलाकात की।
ये बैठकें यहां दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के वार्षिक शिखर सम्मेलन और 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन से इतर हुईं।
जयशंकर ने कहा कि 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के दौरान अल्बनीज से मिलकर उन्हें अच्छा लगा। उन्होंने कहा कि वह जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु से मिलकर बहुत खुश हैं, जिनके साथ उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा की।
विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे सहयोग के अगले दशक के लिए संयुक्त दृष्टिकोण को लागू करने के वास्ते साथ मिलकर काम करने पर सहमति बनी। वैश्विक स्थिति और हमारे हिंद-प्रशांत सहयोग पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हमारी बातचीत में दोनों देशों की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की मजबूती और गर्मजोशी दिखी।’’
विदेश मंत्री ने सोमवार को 20वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य दिया।
इससे पहले, लक्सन के साथ अपनी बैठक के दौरान, जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से ‘‘हार्दिक शुभकामनाएं’’ दीं।
विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक अन्य पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने और मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए उनकी (लक्सन की) प्रतिबद्धता का स्वागत है।’’
जयशंकर ने अपने मलेशियाई समकक्ष हसन के साथ अपनी बैठक को ‘‘गर्मजोशी’’ भरा बताया और कहा कि दोनों विदेश मंत्रियों ने ‘‘द्विपक्षीय सहयोग में प्रगति’’ पर चर्चा की। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक अलग पोस्ट में कहा कि उन्होंने म्यांमार की स्थिति पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने हसन को ‘‘आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलनों की सफलता के लिए शुभकामनाएं’’ भी दीं।
रविवार को, उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ वार्ता की थी।
जयशंकर ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे द्विपक्षीय सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के उनके विचारों का मैं सम्मान करता हूं।’’
मलेशिया, आसियान के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में, कुआलालंपुर में समूह के वार्षिक शिखर सम्मेलन और संबंधित बैठकों की मेजबानी कर रहा है।
ग्यारह देशों वाले आसियान को इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली समूहों में से एक माना जाता है, जिसमें भारत और अमेरिका, चीन, जापान और ऑस्ट्रेलिया सहित कई अन्य देश इसके संवाद साझेदार हैं।
भाषा सुभाष माधव
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