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Thursday, 20 August, 2026
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भारत ने पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने अनधिकृत ढांचे हटाए, दोनों देशों के बीच जवाबी कार्रवाई

दिल्ली में हाई कमीशन के वीजा सेक्शन के पास बैरिकेड और ट्रैफिक बोलार्ड समेत कई ढांचे हटाए गए. इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर पार्किंग पोल हटाए गए थे.

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नई दिल्ली: भारतीय अधिकारियों ने बुधवार देर शाम राष्ट्रीय राजधानी में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने अनधिकृत ढांचों और अतिक्रमण को हटा दिया. ये ढांचे हाई कमीशन के वीजा सेक्शन के पास थे और बताया जा रहा है कि ये परिसर की तय सीमा के बाहर बने थे.

यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर लगे पार्किंग पोल हटा दिए. सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन की ओर से औपचारिक विरोध दर्ज कराए जाने के बावजूद पार्किंग पोल हटा दिए गए. एक-दूसरे की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया यह कदम भारत-पाकिस्तान संबंधों में जारी इसी तरह की परंपरा को दिखाता है.

पहले भी दोनों पक्षों ने आपसी तौर पर कर्मचारियों की संख्या कम की है और पहुंच पर नियंत्रण और प्रशासनिक पाबंदियां बढ़ाई हैं, क्योंकि दोनों देशों के रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते और खराब हो गए. इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी.

भारत ने पिछले मई में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच 87 घंटे तक संघर्ष चला. भारत ने अप्रैल 2025 में सिंधु जल संधि को तब तक रोकने का फैसला किया, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं करता.

दोनों देशों के रिश्ते कई सालों में सबसे खराब स्तर पर पहुंच गए. दोनों देशों के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध अभी भी बहुत खराब स्थिति में हैं. अगस्त 2019 में पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों का स्तर घटाकर हाई कमिश्नर के पद से चार्ज डी’अफेयर्स कर दिया था.

पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन से सैन्य, नौसेना और वायु सेना के सलाहकारों को निकाल दिया था. अटारी बॉर्डर क्रॉसिंग पर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद कर दिया था और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए भारत की वीजा-फ्री यात्रा पर रोक लगा दी थी. नई दिल्ली ने हाई कमीशन में कर्मचारियों की संख्या भी उस समय के 55 से घटाकर 30 कर दी थी.

इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय स्वामित्व वाली एयरलाइनों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और बॉर्डर पोस्ट का अपनी तरफ का हिस्सा भी बंद कर दिया. दोनों देशों के हाई कमीशन के आसपास बने ढांचों को लेकर हुई ताज़ा एक-दूसरे के जवाब वाली कार्रवाई भी दोनों देशों के रिश्तों में चल रहे इसी तरह के बदलाव का हिस्सा है.

भारत की यह कार्रवाई उस दिन भी हुई, जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश को भारत का “महत्वपूर्ण हिस्सा” बताया. इससे नाराज इस्लामाबाद ने बुधवार देर शाम अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स को तलब किया और गोर के बयान पर कड़ा विरोध दर्ज कराया.

अमेरिका लंबे समय से यह कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर से जुड़ा मुद्दा भारत और पाकिस्तान के बीच आपसी बातचीत से हल किया जाना चाहिए. गोर ने इस साल की शुरुआत में भारत में अमेरिकी राजदूत बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की अपनी पहली यात्रा के दौरान ये बातें कहीं.

गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की. करीब 15 साल में यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राजदूत ने केंद्र शासित प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री से मुलाकात की है. अमेरिकी दूत ने केंद्र शासित प्रदेश के लिए विदेश विभाग की ओर से जारी ट्रैवल एडवाइजरी की दोबारा समीक्षा करने का भी वादा किया. उन्होंने इसके पीछे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था में सुधार का हवाला दिया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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