(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर, पांच अप्रैल (भाषा) भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम. एम. नरवणे ने सिंगापुर के शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ मंगलवार को बातचीत की और द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देशों ने अपने मजबूत और दीर्घकालीन रक्षा संबंधों की पुष्टि की।
भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशालय (एडीजी पीआई) ने ट्वीट किया कि तीन दिवसीय यात्रा पर आये थल सेनाध्यक्ष ने सिंगापुर के रक्षा मंत्री डॉ एनजी इंग हेन से मुलाकात की और क्षेत्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा की।
ट्वीट में कहा गया है, ‘‘दोनों देशों के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की पुष्टि की गई।’’
इसमें कहा गया है कि जनरल नरवणे ने सिंगापुर के सेना प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल डेविड नियो से भी मुलाकात की और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की।
शीर्ष सैन्य नेतृत्व से मुलाकात के बाद उन्होंने पसिर लाबा कैंप में ‘इन्फैंट्री गनरी एंड टैक्टिकल सिमुलेटर सेंटर’ का दौरा किया।
भारतीय सेना प्रमुख बुधवार को चांगी नौसैनिक अड्डे स्थित चांगी क्षेत्रीय एचएडीआर समन्वय एवं सूचना केंद्र का दौरा करेंगे।
जनरल नरवणे ने सोमवार को अपने दौरे के पहले दिन सिंगापुर में क्रांजी युद्ध स्मारक का दौरा किया था और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपने प्राणों की आहूति देने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने फोर्ट कैनिंग में ‘बैटल बॉक्स बंकर’ का भी दौरा किया था, जो एक द्वितीय विश्व युद्ध का गुप्त कमान केन्द्र है, जिसे 1936 के अंत में ब्रिटिश सेना द्वारा नौ मीटर भूमिगत बनाया गया था। उन्हें बंकर के ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया गया।
जनरल नरवणे की यात्रा सिंगापुर और भारत के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को दर्शाती करती है।
सिंगापुर के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस पारस्परिक रूप से सार्थक बातचीत ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को गहरा किया है, आपसी समझ को बढ़ाया है और दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत किया है।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
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