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Friday, 27 February, 2026
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भारत, जापान ने पहलगाम हमले के दोषियों को बिना किसी देरी के न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया

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तोक्यो, 29 अगस्त (भाषा) भारत और जापान ने पहलगाम आतंकवादी हमले की शुक्रवार को कड़ी निंदा की और इस निंदनीय कृत्य के अपराधियों, प्रायोजकों और वित्तपोषकों को बिना किसी देरी के न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिगेरू इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में, दोनों देशों ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके सहयोगियों सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का आह्वान किया।

संयुक्त वक्तव्य में कहा गया, ‘दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने सीमापार आतंकवाद सहित सभी तरह के आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद की कड़ी निंदा की।’

उन्होंने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की तथा 29 जुलाई की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद निगरानी टीम की रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) का उल्लेख किया गया था।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि टीआरएफ ने इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली है। प्रधानमंत्री इशिबा ने इस पर चिंता व्यक्त की।

वक्तव्य में कहा गया, ‘उन्होंने इस निंदनीय कृत्य के दोषियों, प्रायोजकों और वित्तपोषकों को बिना किसी देरी के न्याय के दायरे में लाने का आह्वान किया।’

उन्होंने अलकायदा, आईएसआईएस/दाएश, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और उनके समर्थकों सहित संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने और आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों को नष्ट करने, आतंकियों के वित्तपोषण चैनल एवं अंतरराष्ट्रीय अपराध के साथ उनके गठजोड़ को खत्म करने तथा आतंकियों की सीमा पार आवाजाही को रोकने के लिए दृढ़ कार्रवाई का आह्वान किया।

वक्तव्य में कहा गया है कि मोदी और इशिबा ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार यूक्रेन में न्यायसंगत और स्थायी शांति के लिए भी समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने न्यायसंगत और स्थायी शांति प्राप्त करने के लिए विभिन्न देशों द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों का स्वागत किया।

उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने, नागरिकों की रक्षा करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने तथा ऐसी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है तथा क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा हो सकता है।

गाजा में मानवीय स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, दोनों नेताओं ने सभी बंधकों की रिहाई और तत्काल एवं स्थायी युद्धविराम के संबंध में संबंधित पक्षों के बीच समझौता करने के महत्व पर जोर दिया, साथ ही बिगड़ती मानवीय स्थिति के समाधान पर भी जोर दिया।

भाषा आशीष माधव

माधव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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