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Tuesday, 10 February, 2026
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भारत ‘वर्टिकल टेकऑफ, लैंडिंग विमानों’ के लिए सबसे अहम भावी बाजारों में से एक: वर्टिकल एयरोस्पेस

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(गुरदीप सिंह)

सिंगापुर, नौ फरवरी (भाषा) ब्रिटिश कंपनी ‘वर्टिकल एयरोस्पेस’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) स्टुअर्ट सिंपसन ने भारत को ‘वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग’ (ईवीटीओएल) विमानों के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण भावी बाजारों में से एक बताया है।

ईवीटीओएल विमान ऐसे विमान होते हैं, जिन्हें उड़ान भरने और उतरने के लिए लंबे रनवे की जरूरत नहीं होती और ये हेलीकॉप्टर की तरह ‘वर्टिकल’ उड़ान भर सकते हैं, हवा में स्थिर रह सकते हैं और सुरक्षित रूप से उतर सकते हैं।

सिंपसन ने तीन से आठ फरवरी तक आयोजित सिंगापुर एयरशो-2026 में हिस्सा लेने के बाद सप्ताहांत में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत अपनी बड़ी आबादी, जनसांख्यिकी, आर्थिक वृद्धि और आवागमन संबंधी चुनौतियों के मद्देनजर भविष्य में ईवीटीओएल विमानों के लिए एक बड़ा बाजार साबित हो सकता है।

सिंपसन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को भेजे एक ईमेल में भारतीय बाजार में अपनी कंपनी के लिए मौजूद संभावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हालांकि, स्पष्ट दीर्घकालिक पूर्वानुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन हवाईअड्डों, अंतर-शहरी गलियारों और उभरते आर्थिक क्षेत्रों को सेवाएं प्रदान करने की संभावनाएं मौजूद हैं।”

सिंपसन ने आने वाले समय में भारत के दुनिया के सबसे बड़े उन्नत हवाई यात्रा बाजारों में से एक बनने की संभावना जताई। उन्होंने कहा, “भारत ईवीटीओएल तकनीक के लिए एक स्वाभाविक आजमाइश स्थल है। देश की बड़ी आबादी, जनसांख्यिकी, बढ़ती युवा पीढ़ी, आर्थिक विकास से आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि और कई बड़े शहरों में आवागमन संबंधी चुनौतियां इसकी मुख्य वजहें हैं।”

सिंपसन ने कहा कि भारत में हवाईअड्डों, शहरों के बीच और शहर के भीतर आवागमन से लेकर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं, माल ढुलाई और यहां तक ​​कि रक्षा क्षेत्र में ‘वर्टिकल एयरोस्पेस’ के ‘वालो’ विमान के लिए बहुत संभावनाएं हैं।

‘वालो’ एक पायलट संचालित चार सीट वाला इलेक्ट्रिक ‘वर्टिकल टेकऑफ और लैंडिंग’ विमान है, जिसमें परिचालन के दौरान शून्य उत्सर्जन होता है।

सिंपसन ने कहा, “भारत के एक प्रमुख आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में उभरने के मद्देनजर हम उम्मीद करते हैं कि हवाई यात्राओं के साथ-साथ आकाश से दर्शनीय स्थलों का दीदार कराने और क्रिकेट मैचों एवं फिल्म समारोहों का लुत्फ उठाने के लिए ‘वालो’ का इस्तेमाल जोर पकड़ेगा। ‘वालो’ में भारत में शहरी भीड़भाड़ की गंभीर स्थिति से काफी हद तक निपटने की क्षमता है और यह घंटों की यात्रा को मिनटों के सफर में बदल देगा।”

उन्होंने बताया कि ‘वर्टिकल एयरोस्पेस’ ने भारतीय निजी विमानन कंपनी ‘जेटसेटगो’ के साथ 50 ‘वालो’ विमानों की प्रस्तावित खरीद के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। कंपनी ने भारत में उन्नत हवाई यात्रा (एएएम) सेवाओं को विकसित करने के लिए एक रणनीतिक सहयोग भी किया है।

भाषा पारुल वैभव

वैभव

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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